श्रीमद् भागवत कथा में रुक्मणी विवाह का प्रसंग सुनते हुए श्रद्धालु।
खेरागढ़। कस्बे के सुंदर मैदान में चल रहे श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के छठवें दिन कथा व्यास भूदेव शास्त्री ने सुदामा चरित्र का प्रसंग सुनाया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता को त्याग, समर्पण और निष्काम प्रेम का सर्वोत्तम उदाहरण बताया। शास्त्री ने कहा कि सच्चा मित्र वही होता है, जो सुख-दुख में साथ निभाए। सुदामा की गरीबी और कृष्ण के प्रति उनके अटूट विश्वास को सुनकर श्रोताओं की आंखें नम हो गईं। उन्होंने श्रोताओं से सच्चे संबंधों को महत्व देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा।