कासगंज। एंटी करप्शन की टीम ने जिला विकास अधिकारी के कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। शुक्रवार की देर शाम मामले की रिपोर्ट दर्ज हुई। शनिवार को एंटी करप्शन की टीम ने कर्मी को जेल भेज दिया। सरकारी कार्यालयों में शनिवार को पूरे दिन इस मामले को लेकर तरह तरह की चर्चाएं होती रहीं।पीएम आवास एवं मनरेगा योजना का सोशल ऑडिट करने वाले बीआरपी विशाल पांडे की शिकायत पर एंटी करप्शन की टीम ने रिश्वत लेते हुए वरिष्ठ सहायक को रंगे हाथों पकडऩे का प्लान तैयार किया था। एंटी करप्शन टीम का यह प्लान शुक्रवार को दोपहर के समय सफल हो गया। बीआरपी विशाल पांडे ने जैसे ही 25 हजार रुपये की रिश्वत डीडीओ कार्यालय के वरिष्ठ सहायक प्रवीन कुमार को दी उसके बाद एंटी करप्शन टीमने प्रवीन कुमार को रंगेहाथों दबोच लिया। पानी से उनके हाथ धुलवाए तो हाथ लाल हो गए। एंटी करप्शन की टीम ने वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया। शनिवार को प्रवीन कुमार को जेल भेजने की कार्रवाई की गई। अब इस मामले की विवेचना एंटी करप्शन टीम के द्वारा की जाएगी। रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने के इस मामले को लेकर सरकारी विभागों के कर्मियों के बीच चर्चाओं का दौर थम नहीं रहा। कार्रवाई के बाद से ही लगातार कर्मियों के बीच चर्चाएं हैं।