मैनपुरी। फर्रुखाबाद के माफिया अनुपम दुबे, उसके भाई व चार अन्य साथियों की बेवर थाना क्षेत्र के नवीगंज में हुए 20 साल पुराने दोहरे हत्याकांड में मुश्किलें फिर से बढ़ सकती हैं। 2022 में जारी प्रदेश की माफिया सूची में टॉप-10 में शामिल अनुपम दुबे और उसके साथियों पर इस दोहरे हत्याकांड का मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने एफआर लगा दी थी। अब पुलिस फिर से इसकी विवेचना करने की तैयारी में है। सीजेएम कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। अनुमति मिलते ही विवेचना शुरू हो जाएगा। बेवर के नवीगंज में 6 अगस्त 2005 को कौशल किशोर दुबे और उनकी पत्नी कृष्णा देवी की 16 गोलियों से भूनकर की गई हत्या की गई थी। कौशल और कृष्णा देवी अनुपम दुबे के चाचा-चाची थे। मृत दंपती की बेटी राधिका दुबे ने अनुपम दुबे और उसके भाई डब्बन उर्फ अनुराग दुबे सहित छह लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसकी पहले बेवर थाने और बाद में डीआईजी आगरा रेंज के आदेश पर एटा क्राइम ब्रांच ने विवेचना की थी। एटा क्राइम ब्रांच ने पर्याप्त साक्ष्य न मिलने का हवाला देते हुए मैनपुरी कोर्ट में 5 फरवरी 2006 को अंतिम रिपोर्ट दाखिल की थी। कोर्ट ने 4 अप्रैल 2006 को उसे मंजूर भी कर लिया था। अब मृत दंपती के बेटों ने फिर से पैरोकारी शुरू की है। एसपी मैनपुरी गणेश प्रसाद साहा के आदेश पर बेवर इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह ने कोर्ट में पुर्न विवेचना की अनुमति के लिए अर्जी दी है।