फोटो09कासगंज कलेक्ट्रेट पर एसडीएम को ज्ञापन सौंपते शिक्षक ।स्रोत-विज्ञप्ति
कासगंज। प्राथमिक शिक्षक संघ और अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने सेवाकाल के मध्य शर्तों में बदलाव करने को अन्याय बताया। शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता आदेश को संशोधित किए जाने की मांग की। बुधवार को इस संबंध में दोनों संगठनों ने संयुक्त रूप से एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। जिला अध्यक्ष शुभनेश यादव ने कहा कि सेवाकाल के मध्य ऐसे समय में सेवा शर्ताें में बदलाव किया जा रहा है जबकि शिक्षक सेवा समाप्ति की अवधि के नजदीक हैं। यह निर्णय शिक्षकों के साथ अन्याय है। टीईटी की अनिवार्यता से संबंधित जो आदेश जारी किया गया है उसे संशोधित किया जाए। वर्ष 2010 से पूर्व जिन शिक्षकों की नियुक्ति हुई है उनको टीईटी परीक्षा पास करने की अनिवार्यता में शामिल न किया जाए। जिला महामंत्री मुनेश राजपूत ने कहा कि टीईटी की अनिवार्यता के निर्णय से पूरे देश के शिक्षक प्रभावित हैं। नौकरी के 25 से 30 साल बाद टीईटी की परीक्षा का कोई औचित्य नहीं हैं। अनुभव को परीक्षा के तराजू में तोलना न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता। वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिलीप यादव ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू करते समय पूर्व शिक्षकों को इस संबंध में अवगत कराया जाता। उस समय शिक्षक आसानी से परीक्षा में शामिल हो जाते। जिला उपाध्यक्ष अंकित पुंढीर, गजेंद्र प्रताप सिंह, महिला उपाध्यक्ष प्रज्ञा अग्रवाल ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान योगेश यादव, सुखवीर सिंह, प्रदीप यादव, राकेश राजपूत, राजेश यादव, रवि सक्सेना, अब्दुल समी, त्रिवेंद्र सिंह, रुद्र प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।