एटा में विकासखंड सकीट क्षेत्र की ग्राम पंचायत इशारा पूर्वी में प्रधान और सचिव ने रिश्वतखोरी के जरिए दस अपात्रों को पीएम आवास योजना का लाभ दिला दिया। इसमें सचिव को निलंबित किया गया है। वहीं ग्राम प्रधान को नोटिस दिया गया है। जबकि पीडी, बीडीओ और कंप्यूटर ऑपरेटर की संलिप्तता मिलने पर भी नोटिस देने तक ही कार्रवाई सीमित है।
ग्राम पंचायत इशारा पूर्वी में अपात्रों को पीएम आवास देने की शिकायत की गई थी। शिकायत के आधार पर जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने डीसी एनआरएलएम प्रतिमा निमेष को जांच करने के निर्देश दिए। इनकी जांच में कुल दस व्यक्तियों को अपात्र पाया गया। ग्राम पंचायत सचिव बलराम ने प्रधान मनीषा देवी के माध्यम से अपात्र व्यक्तियों से रुपये लेकर प्रधानमंत्री आवास का पात्र बनाकर लाभ दे दिया।
इस मामले में ग्राम पंचायत सचिव बलराम यादव और ग्राम प्रधान मनीषा देवी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। बृहस्पतिवार को विभागीय कार्रवाई करते हुए ग्राम सचिव को निलंबित कर दिया गया है। वहीं ग्राम प्रधान के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है।
उधर, अपात्रों को आवास देने के मामले में पीडी डीआरडीए निर्मल कुमार द्विवेदी, बीडीओ शैली गोविल और कंप्यूटर ऑपरेटर सुधीर कुमार की भी संलिप्तता पाई गई। जिस पर मुख्य विकास अधिकारी एके वाजपेयी ने तीनों को नोटिस जारी कर सात दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन इस मामले में अधिकारियों पर आंच न आने पाए। इसको लेकर कार्रवाई नोटिस देने तक ही सीमित रही। मुख्य विकास अधिकारी एके वाजपेयी ने बताया कि पीडी और बीडीओ के स्पष्टीकरण मिले हैं। पूरे मामले की जांच की जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।