बाह: गौंसिली की भागवत कथा में व्यासपीठ का सम्मान करती बाह की विधायक पक्षालिका सिंह
बाह। गौंसिली के ठाकुर जी मंदिर क्षेत्र में भागवत कथा के समापन पर डॉ. ओमप्रकाश शास्त्री ने सुदामा चरित्र व सुखदेव विदाई का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि मित्रता में गरीबी और अमीरी नहीं देखनी चाहिए। मित्र एक दूसरे का पूरक होता है। भगवान कृष्ण ने अपने बचपन के मित्र सुदामा की गरीबी को देखकर रोते हुए अपने राज सिंहासन पर बैठाया और उन्हें उलाहना दिया कि जब गरीबी में रह रहे थे तो अपने मित्र के पास तो आ सकते थे, लेकिन सुदामा ने मित्रता को सर्वोपरि मानते हुए श्रीकृष्ण से कुछ नहीं मांगा। उन्होंने बताया कि सुदामा चरित्र हमें जीवन में आई कठिनाइयों का सामना करने की सीख देता है। सुदामा ने निस्वार्थ समर्पण ही असली मित्रता है। वहीं भागवत कथा का अमृतपान कर व्यासपीठ को नमन करने के बाद बाह की विधायक पक्षालिका सिंह ने बताया कि भागवत कथा एवं धार्मिक आयोजन सामाजिक ताने बाने को मजबूत करने की सीख देती हैं। इधर, बिक्रमपुर गांव में चल रही भागवत कथा के चौथे दिन शनिवार को रवीता शास्त्री ने प्रहलाद चरित्र का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि ईश्वर ज्ञान और ध्यान से जितना प्रभावित होते हैं, उससे कहीं अधिक भक्ति की पुकार से। यदि भक्त सच्चा हो तो विपरीत परिस्थितियां भी उसे भगवान की भक्ति से विमुख नहीं कर सकतीं। इस दौरान परीक्षत मनोज कुमार, कुसुम देवी, यज्ञपति खेलन सिंह, विद्या देवी आदि रहे।