नाबालिग किशोर और किशोरी की इंस्टाग्राम पर दोस्ती हुई। दोनों ने साथ जीने-मरने की कसमें खाईं और पॉकेट मनी के ढाई हजार रुपये लेकर घर से निकल पड़े। पहले जयपुर गए फिर आगरा आ गए। बृहस्पतिवार तड़के चार बजे दोनों आगरा कैंट स्टेशन पर सोते हुए मिले। दोनों को रेलवे चाइल्ड लाइन ने बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया। सूचना पर दोनों के परिजन आगरा आ गए। इसके बाद दोनों को परिजनों व दिल्ली पुलिस के साथ दिल्ली बाल कल्याण समिति भेज दिया गया।
रेलवे चाइल्ड लाइन समन्वयक धीरज कुमार ने बताया कि नाबालिग लड़का और लड़की आगरा कैंट पर सोते हुए मिले थे। जब उनसे पूछताछ कि तो उन्होंने बताया कि दोनों की दोस्ती एक महीने पहले इंस्टाग्राम पर हुई थी। किशोर कक्षा नौ और किशोरी कक्षा 11 की छात्रा है। दोनों ने साथ रहने का निर्णय लिया। पॉकेट मनी के जमा 2500 रुपये और दो जोड़ी कपड़े लेकर किशोर और किशोरी ने घर छोड़ दिया। छह दिसंबर को दोनों दिल्ली से जयपुर पहुंचे। बुधवार को ट्रेन से आगरा कैंट आए।
दोनों के पास रुपये खत्म हो चुके थे तो रात में स्टेशन पर ही सो गए। बृहस्पतिवार सुबह चार बजे रेलवे चाइल्ड लाइन को वह मिले। दोनों के घर वालों को फोन करने के बाद उन्हें बाल कल्याण समिति को सामने पेश किया गया। बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष मोनिका सिंह ने बताया कि दिल्ली पुलिस और अभिभावकों के साथ दोनों को दिल्ली बाल कल्याण समिति भेज दिया है। वहां से दोनों नाबालिगों को कागजी कार्रवाई के बाद उनके अभिभावकों के सुपुर्द कर दिया जाएगा।