कासगंज। जिले में टीबी रोगियों की खोज के लिए सोमवार से अभियान शुरू हो गया। पहले दिन टीम ने 8902 घरों का सर्वे किया। सर्वे के दौरान 357 लोग टीबी के संदिग्ध पाए गए। इन संदिग्धों के बलगम के नमूने एकत्र करने के लिए डिब्बी वितरित की गई।जिले में टीबी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इसके बाद भी काफी संख्या में लोग ऐसे हैं जो टीबी की बीमारी से ग्रसित हैं, लेकिन वे जांच के लिए अस्पताल तक नहीं पहुंचते। ऐसे मरीजों से अन्य लोगों में भी बीमारी फैलने का खतरा रहता है। छिपे हुए टीबी मरीजों की खोज के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अभियान का शुभारंभ कर दिया। 20 सितंबर तक टीमें घर-घर दस्तक देंगी। साढे तीन लाख लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य है। पहले दिन 8400 घरों के लक्ष्य के सापेक्ष 8902 घरों में दस्तक दी। 39968 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इनमें से 357 लोग संदिग्ध मिले। इन संदिग्धों को डिब्बी उपलब्ध कराई गई। ये संदिग्ध सुबह के बलगम का सैंपल इस डिब्बी में एकत्र करेंगे। डीपीसी धर्मेंद्र यादव का कहना है कि अभियान के पहले दिन जो संदिग्ध मिले हैं उनको डिब्बी दी गई है। यह डिब्बी मंगलवार को एकत्र की जाएगी। इसके बाद जांच होगी। जांच में जो भी टीबी मरीज मिलेंगे उनका इलाज शुरू किया जाएगा।