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स्वाइन फ्लू: बिना हथियार जंग लड़ेगा स्वास्थ्य महकमा

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कासगंज में जिला अस्पताल पर स्वाइन फ्लू मरीजों को भर्ती करने के लिए बनाया गया वार्ड - फोटो : KASGANJ
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कासगंज। प्रदेश के 44 जिलों में स्वाइन फ्लू दस्तक दे चुका है। लेकिन कासगंज में इस बीमारी की जांच तक की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में जिले का स्वास्थ्य महकमा बिना संसाधनों के ही जंग लड़ने के लिए मैदान में उतर आया है। विभाग ने मरीजों के लिए वार्ड तो बना लिया है, लेकिन जांच के इंतजाम न होने से मरीजों की पहचान नहीं हो पा रही। जिला अस्पताल पर सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार एवं सांस से पीड़ित होकर पहुंचने वाले मरीजों को सामान्य इलाज देकर ही अस्पताल से विदा कर दिया जाता है।
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जिले में इस समय डेंगू का जबरजस्त प्रकोप है। इसके बीच प्रदेश में स्वाइन फ्लू की दस्तक हो जाने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। इस समय जिले में सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार एवं सांस लेने की समस्या से लोग पीड़ित हो रहे हैं। जिले में डेंगू मलेरिया की जांच के तो इंतजाम हैं, लेकिन स्वाइन फ्लू की एच1एन1 जांच के कोई इंतजाम नहीं हैं। जिला अस्पताल पर इस समय बड़ी संख्या में मरीज इलाज को पहुंच रहे हैं। इन मरीजों में 300 तक मरीज ऐसे आ रहे हैं, जिनमें सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार, डायरिया एवं सांस की समस्या देखने को मिल रही है। स्वाइन फ्लू में भी सामान्य सर्दी से जुडे़ हुए लक्षण पाए जाते हैं। अस्पताल पर जांच के इंतजाम न होने से चिकित्सक सामान्य सर्दी मानकर ही उनको दवा लिख देते हैँ। ऐसे में यदि किसी मरीज को स्वाइन फ्लू हुआ भी तो उसे पता ही नहीं चल सकेगा कि वह गंभीर बीमारी से ग्रसित हो गया है।
स्वाइन फ्लू के लक्षण
- खांसी, सर्दी, जुकाम व नाक बहना।
- सांस लेने में तकलीफ होना।
- कमजोरी, बेचैनी व चिड़चिड़ापन महसूस होना।
- आलस आना, बेहोश हो जाना अथवा ठीक से खड़े न हो पाना।
- लंबे समय तक तेज बुखार।
- सीने, गले अथवा पेट में दर्द होना।
- गले में खराश या उल्टी-दस्त की शिकायत।
- भूख न लगना, कफ बनना।
- भ्रम की स्थिति उत्पन्न होना
फ्लू और सामान्य सर्दी में भेद-
- सर्दी लगने पर बुखार अमूमन नहीं आता, परंतु स्वाइन फ्लू होने पर 100-102 डिग्री बुखार आम है।
- सर्दी लगने पर सरदर्द और बदन दर्द कम ही होता है, परंतु स्वाइन फ्लू होने पर काफी सरदर्द होता है और असहनीय बदन दर्द होता है।
- सर्दी लगने पर कम कमजोरी आती है परंतु स्वाइन फ्लू से अत्यधिक कमजोरी महसूस होती है।
- सर्दी होने पर नाक जाम हो जाती है, परंतु स्वाइन फ्लू होने से नाक अमुमन जाम नहीं होती।
क्या रखें सावघानी-
- छींकते समय टिस्यू पेपर से नाक को ढकें और फिर उस पेपर को सावधानी से नष्ट कर दें।
- अपने हाथों को लगातार साबुन से धोते रहें। घर, ऑफिस के दरवाजों के हैंडल, कीबोर्ड, मेज आदि साफ करते रहे।
- यदि आपको जुकाम के लक्षण दिखाई दे तो घर से बाहर न जाएं और दूसरों के नजदीक न जाएं।
- बुखार ठीक होने के 24 घंटे बाद तक घर पर रहें। लगातार पानी पीते रहें ताकि डिहाड्रेशन न हो।
- फेसमास्क जरूर पहनें। यह प्रदूषण से बचाव में भी कारगर है।
स्वाइन फ्लू के मरीजों को भर्ती करने के लिए अस्पताल पर एक वार्ड तैयार कर लिया गया है। इस वार्ड में छह बैड की व्यवस्था की गई है। अभी जिला में स्वाइन फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है। अस्पताल पर एच1 एन1 की जांच की व्यवस्था नहीं है। - डा. कृष्ण अवतार, प्रभारी सीएमएस
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