मैनपुरी। नवीन शिक्षा सत्र एक अप्रैल से शुरू हो चुका है। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने यूपी बोर्ड हाईस्कूल परीक्षा का परिणाम भी 20 अप्रैल को जारी कर दिया लेकिन इसके बाद भी छात्र-छात्राएं कक्षा 11 में नामांकन के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। ऐसे में माध्यमिक शिक्षा के हालात कैसे बेहतर हो पाएंगे। माध्यमिक शिक्षा विभाग की मंशा है कि छात्र-छात्राओं का सत्र संचालन समय से किया जा सके ताकि उन्हें बेहतर शिक्षा प्रदान की जा सके। इसी उद्देश्य को देखते हुए परीक्षा परिणाम भी समय से जारी करने का कार्य किया गया। परिषद ने यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम 20 अप्रैल को ही जारी कर दिया था। परीक्षा परिणाम जारी हुए आज 20 दिन गुजरने जा रहे हैं लेकिन माध्यमिक स्कूलों में कक्षा 11 में प्रवेश के लिए छात्र-छात्राएं नहीं पहुंचे हैं। जबकि शिक्षा सत्र को शुरू हुए 40 दिन बीत गए हैं। 20 मई से स्कूलों में अवकाश घोषित हो जाएगा लेकिन यहां अभी तक पढ़ाई का माहौल नहीं बन पाया है। कक्षा 11 में प्रवेश की संख्या स्कूलों में शून्य दर्ज हो रही है।
इसके पीछे कहीं न कहीं अभिभावक भी दोषी हैं। अभिभावकों द्वारा भी अपने छात्र का अगली कक्षा में प्रवेश पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसके चलते छात्र-छात्राओं की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होगी। 10 दिन बाद स्कूल बंद हो जाएंगे फिर स्कूल एक जुलाई को खुलेंगे। ऐसे मेंं शिक्षा सत्र के तीन महीने यूं ही खराब निकल जाएंगे।
सभी अभिभावक ध्यान दें। बोर्ड परीक्षा में पास होने वाले अपने पाल्यों का प्रवेश अगली कक्षा में अवश्य कराए दें और उन्हें समय से स्कूल भी भेेजें ताकि उनका कोर्स समय से पूरा कराया जा सके। - रघुराज सिंह पाल, एडीआईओएस
प्रधानाचार्य अभिभावकों से संपर्क करें और उन्हें सलाह दें कि अपने पाल्य को स्कूलों में भेज कर शिक्षा दिलाएं। छात्रों का समय से पंजीकरण कराकर उन्हें उचित शिक्षा दी जाए। - अजय कुमार सिंह, डीआईओएस