मैनपुरी। शासन ने माध्यमिक शिक्षा परिषद में कक्षा नौ से 12 के लिए एनसीईआरटी की पुस्तकों के लिए तीन प्रकाशकों को जिम्मेदारी सौंपी है। लेकिन संबंधित प्रकाशकों की शासन से निर्धारित कीमत की पुस्तकें जनपद में उपलब्ध ही नहीं हो रही हैं। छात्र मजबूरी में 10 रुपये की किताब को 157 रुपये में खरीद रहे हैं। जिले में निर्धारित मूल्य से 10 से 15 गुना अधिक कीमत की पाठ्य पुस्तकें बेची जा रही हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा जिले के कॉलेजों के लिए शासन से पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन और कीमत संबंधी एक सूची जारी की गई है। इस सूची के अनुसार शासन ने तीन प्रकाशकों को पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपी है। लेकिन संबंधित प्रकाशकों की जिले में शासन से निर्धारित पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध ही नहीं हैं। हाल ये हैं कि जिन प्रकाशकों को शासन ने पुस्तकों के मुद्रण की जिम्मेदारी सौंपी है वे प्रकाशक शासन को उपलब्ध कराई गई सूची के अनुसार पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। जो पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं उनकी कीमत शासन से निर्धारित कीमत से कई गुनी अधिक है।
निर्धारित मूल्य की पाठ्य पुस्तक न मिलने के कारण अभिभावकों को पांच से 10 गुना अधिक खर्च का बोझ उठाना पड़ रहा है। कई अभिभावक को किताबें की कीमत अधिक होने के कारण अपने पाल्यों के लिए किताबें ही नहीं खरीद पा रहे हैं। संवाद
इन प्रकाशनों को मिली है अनुमति
-राजीव प्रकाशन, 19 लाउदर रोड प्रयागराज
-जनरल ऑफसेट प्रिंटिंग प्रेस प्राइवेट लिमिटेड, नैनी, प्रयागराज
-डायनामिक टेक्स्ट बुक्स प्रिंटर्स प्राइवेट लिमिटेड, बिजौली, झांसी
केस नंबर-एक
12वीं की भौतिक विज्ञान भाग एक की कीमत शासन से 56 रुपए निर्धारित है। यह किताब बाजार में 560 रुपये की मिल रही है।
केस नंबर-दो
12वीं अंग्रेजी की कीमत शासन से 10 रुपये निर्धारित की गई है। जबकि बाजार में यह पुस्तक 157 रुपये में मिल रही है।
केस नंबर-तीन
कक्षा 10 की विज्ञान की किताब का मूल्य शासन से 66 रुपये निर्धारित किया गया है। जबकि बाजार में यह पुस्तक 317 रुपये की बेची जा रही है।
केस नंबर-चार
हाईस्कूल सामाजिक विज्ञान की पाठ्य पुस्तक का मूल्य शासन ने 48 रुपये निर्धारित किया है। जबकि बाजार में यह पुस्तक 290 रुपये की मिल रही है।
शासन से निर्धारित मूल्यों पर किताबें उपब्ध कराई जाएं तो किसी भी छात्र को किताबें खरीदने में कोई परेशनी न हो। निर्धारित कीमत से कई गुना अधिक रुपये किताबों के बाजार में लिए जा रहे हैं। - निहाल, कक्षा 10, बरौली
कक्षा 12 की भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान आदि की किताबों का बाजार मूल्य इतना अधिक है कि छात्र किताबें नहीं खरीद पा रहे हैं। बिना किताबों के ही पढऩे को मजबूर हैं। - साधना, कक्षा 12, रठेरा
कक्षा 12 गणित की किताब की कीमत शासन से भले ही 41 रुपये निर्धारित हो लेकिन गणित की किताब बाजार में 350 रुपये में मिल रही है। शासन को सरकारी कीमत की किताबें उपलब्ध करानी चाहिए। - अमन, कक्षा 12, नगला हिम्मत
कक्षा 12 अंग्रेजी की किताब की कीमत शासन ने 10 रुपये निर्धारित की है लेकिन बाजार में यह किताब 157 रुपये की मिल रही है। शासन के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। - कृष्णकांत, कक्षा 12, रठेरा
शहर के कई पुस्तक विक्रेताओं से बात की गई तो पता चला है कि उनके पास शासन से निर्धारित प्रकाशकों की निर्धारित पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध नहीं हैं। इस संबंध में जानकारी उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है। - सुधीर कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक