इंटर कॉलेज में परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षक के हाथों ओएमआर शीट फट जाने से परीक्षार्थियों एवं उनके अभिभावकों में आक्रोश देखा गया। परीक्षार्थियों ने शिक्षक पर ओएमआर शीट को फाड़ने का आरोप लगाया। स्टेटिक मजिस्ट्रेट के समझाने के बाद मामला शांत हुआ। परिषद से इस बार हाईस्कूल के परीक्षार्थियों के लिए पहली बार ओएमआर शीट पर परीक्षा देने की व्यवस्था की है। 20 अंक का पेपर ओएमआर शीट पर हो रहा है। ओएमआर शीट दो पार्ट में है। दोनों ही पार्ट को परीक्षा के बाद अलग करके दो अलग अलग लिफाफों में रखकर जमा करना है। परीक्षा केंद्र पर परीक्षा संपन्न हो जाने के बाद परीक्षार्थियों ने जब अपनी ओएमआर शीट जमा कर दी तो कक्षा निरीक्षक ने एक साथ इनको अलग करने का प्रयास किया, जिसमें कई परीक्षार्थियों की ओएमआर शीट फट गई।
जिन परीक्ष्रार्थियों की ओएमआर शीट फट गई वे चिंतित नजर आने लगे। ओएमआर शीट कंप्यूटर से चेक होगी। ऐसे में यदि कंप्यूटर ने फटी ओएमआर शीट स्वीकार नहीं की तो उनको 20 अंक का नुकसान उठाना पड़ेगा। परीक्षार्थियों ने केंद्र से बाहर आने के इस बात की जानकारी अपने परिजन को दी तो परिजन भड़क गए और आक्रोश जताने लगे। इसके बाद स्टेटिक मजिस्ट्रेट ने मामले की जानकारी डीआईओएस को दी। डीआईओएस से परीक्षार्थियों का अहित न होने की बात कही गई। इसके बाद स्टेटिक मजिस्ट्रेट ने छात्रों व अभिभावकों को आश्वास्त किया। आश्वासन के बाद मामला शांत हो गया।
स्टेटिक मजिस्ट्रेट अभिषेक ने बताया कि चार परीक्षार्थियों की ओएमआर शीट आंशिक रूप से कक्ष निरीक्षक से गलती से फट गई। ओएमआर शीट की अन्य परीक्षार्थियों की भांति ही जांची जाएगी। इसमें परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार से परेशान होने की आवश्यकता नहीं है।