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Agra: वैज्ञानिक व तकनीकी 10 लाख शब्दों का हिंदी पर्याय तैयार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बढ़ी मांग

Sun, 26 Mar 2023 12:01 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में  'गणितीय विज्ञान और एप्लीकेशन' विषय पर सम्मेलन का आयोजन हुआ। शनिवार को हुए इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए दूरदराज से प्रोफेसर व शिक्षकों सहित अन्य लोग पहुंचे। 
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डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा का गेट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शिक्षा मंत्रालय के वैज्ञानिक तकनीकी शब्दावली आयोग ने अंग्रेजी के वैज्ञानिक व तकनीकी 10 लाख शब्दों का हिंदी पर्याय तैयार कराया है। इससे उन्हें समझने में आसानी होगी। ये बातें, आयोग के पूर्व चेयरमैन व बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी के गणित विभाग के प्रो. अवनीश कुमार ने आगरा में आयोजित कार्यक्रम में कहीं।

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प्रो. अवनीश शनिवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के गणित विभाग की ओर से 'गणितीय विज्ञान और एप्लीकेशन' विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे थे। प्रो. अवनीश कुमार ने बताया कि उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाए जाने के लिए ग्रंथ एकेडमी के माध्यम से करीब 16,000 पाठ्य पुस्तकें हिंदी व अन्य भाषाओं में प्रकाशित की जा चुकी हैं।

एआईसीटीई भी इस दिशा कर रही काम 

राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू होने के बाद यूजीसी, एआईसीटीई भी इस दिशा में काम कर रही हैं। किताबें लिखवाई जा रही हैं। उन्होंने उदाहरण के तौर पर बताया कि स्पेस साइंस में 'ग्रीन सैंड' अंग्रेजी भाषा में इस्तेमाल होता है। हिंदी में इसका पर्याय शब्द 'आर्द्र बालू' दिया गया है। जबकि शाब्दिक अर्थ बिल्कुल अलग 'हरा बालू' निकलेगा।

समस्याओं के समाधान पर चर्चा

सम्मेलन के दूसरे दिन विभिन्न विषयों में समस्याओं के समाधान के संबंध में चर्चा और प्रस्तुतीकरण हुआ। पेपर भी प्रस्तुत किए गए। ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से व्याख्यान हुए। आमंत्रित वक्ताओं में प्रो. दीपक कुमार, प्रो. अवनीश कुमार, प्रो. राकेश पटेल, प्रो. एम. विजय कुमार, प्रो. अतुल चतुर्वेदी, प्रो. विनीता सिंह ने व्याख्यान दिए। प्रो. राकेश पटेल ने मानव की हड्डियों के जोड़ों में पाए जाने वाले फ्लूड से जोड़कर उसकी महत्ता बताई।

90 शोधकर्ताओं ने दिए प्रस्तुतीकरण 

ऑनलाइन यूएसए के प्रो. एमए पठान, प्रो. कुमुद एस. आत्माएर आदि के व्याख्यान हुए। 90 शोधकर्ताओं ने प्रस्तुतीकरण दिए। 62 ऑफलाइन व 28 ऑनलाइन माध्यम से हुए। यंग साइंटिस्ट अवार्ड के लिए शोधकर्ताओं ने 18 प्रस्तुतीकरण दिए, जज प्रो. सुंदरलाल और प्रो. जीएस हुड्डा रहे। आयोजन सचिव प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि आखिरी दिन रविवार को पुरस्कार वितरण किया जाएगा।

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