सौ शैया अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों के लिए बयान
- प्रसव के दौरान उपचार में लापरवाही की शिकायत की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। जिला अस्पताल में 18 जून को भर्ती कराई गई एक महिला के पति ने प्रसव के दौरान लापरवाही और जबरन अस्पताल से बाहर निकालने का आरोप गाया था। मामले में सीएमओ ने दो एसीएमओ को जांच सौंपी है। शनिवार को एसीएमओ डॉ. राकेश कुमार ने सौ शैया अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर और स्टाफ के बयान दर्ज किए। वहीं भर्ती रजिस्टर और पंजीकरण फार्म का विवरण भी प्राप्त किया।
जनपद के गांव नगला पुनू निवासी पंकज कुमार ने सीएमओ और जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेज कहा था कि 18 जून की दोपहर करीब एक बजे वह अपनी पत्नी रेनू को प्रसव पीड़ा होने पर सौ शैया जिला महिला अस्पताल में लेकर पहुंचा था। यहां मौजूद चिकित्सक ने उसकी पत्नी की जांच कराई और कहा कि देर रात तक प्रसव होगा। उसकी पत्नी की हालत बिगड़ रही थी तो उसने चिकित्सक और नर्स से बात की लेकिन किसी ने कुछ नहीं सुना। यहां मौजूद सफाई कर्मचारी से उसकी पत्नी की जांच कराई गई जिसने लापरवाही से जांच की। रात 11 बजे जब उसकी पत्नी की हालत बिगडऩे लगी तो जबरन अस्पताल के कर्मचारियों ने उसे बाहर कर दिया। अस्पताल से बाहर निकाले जाने के बाद उसकी पत्नी की हालत और बिगड़ गई। इसके बाद वह पास के ही एक निजी अस्पताल में अपनी पत्नी को लेकर पहुंचा यहां उसकी पत्नी ने एक बच्चे को जन्म दिया जिसकी प्रसव होते ही मौत हो गई। पंकज का आरोप है कि उसके बच्चे की मौत सौ शैया जिला महिला अस्पताल में की गई उपचार की लापरवाही से हुई है।
मामले में सीएमओ ने एसीएमओ डॉ. संंजीव राय बहादुर और डॉ. राकेश कुमार को जांच अधिकारी नियुक्ति किया है। शनिवार को एसीएमओ डॉॅ. राकेश कुमार ने सौ शैया अस्पताल पहुंचकर जांच की। यहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के साथ ही स्टाफ से भी पूछताछ की। रेनू के पंजीकरण फार्म पर दर्ज विवरण भी प्राप्त किया। डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि शीघ्र ही पीड़ित पक्ष के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।