मैनपुरी। ग्रामीण इलाकाें में संचालित गोशालाओं को अब ग्राम पंचायतों की राज्य वित्त निधि से संजीवनी मिलेगी। शासनादेश के तहत संबंधित न्याय पंचायत की सभी ग्राम पंचायतों की राज्य वित्त निधि से दस प्रतिशत धनराशि पूल की जाएगी। इसी के तहत जिले की कुल 11 गोशालाओं के लिए 38.96 लाख रुपये की धनराशि पूल की गई है। इसे संबंधित गोशालाओं की संचालन समिति के खातों में भेज दिया गया है।
शासन से स्वीकृत 11 गोशालाएं ग्रामीण इलाकों में संचालित हैं। शासन से धनराशि के इंतजार में कई बार यहां व्यवस्थाएं करना मुश्किल होता है। इसी के तहत मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार ने एक शासनादेश के तहत इस समस्या से निजात दिलाने की पहल की है। इसके तहत जिस न्याय पंचायत में गोशाला संचालित है, उसकी सभी ग्राम पंचायतों को मिलने वाली राज्य वित्त की धनराशि का एक भाग गोशाला संचालन के लिए दिया जाएगा। शासनादेश के तहत राज्य वित्त की धनराशि का दस प्रतिशत लिया जा सकता है। इसी आदेश पर 11 गोशालाओं के लिए संबंधित ग्राम पंचायतों के खाते से कुल 38.96 लाख रुपये की धनराशि एकत्रित की गई है। इसे संबंधित गोशालाओं के खातों में भेज दिया गया है। अब गोशाला संचालन समिति के निर्देशन में इस धनराशि को खर्च किया जाएगा। इससे शासन से धनराशि मिलने तक व्यवस्थाएं करना आसान रहेगा।
ग्राम पंचायतों से राज्य वित्त की धनराशि से पूल कर एकत्रित की गई धनराशि के खर्च करने पर भी पाबंदियां लगाई गई हैं। इस धनराशि का खर्च केवल संरक्षित गोवंशों के भरण-पोषण के लिए ही हो सकेगा। इसे अन्य किसी भी कार्य के लिए खर्च नहीं किया जा सकेगा।
शासनादेश के तहत ग्राम पंचायतों को प्राप्त होने वाली राज्य वित्त की धनराशि का एक भाग गोशाला के लिए खर्च किया जाएगा। न्याय पंचायत की सभी ग्राम पंचायतों से इस धनराशि को पूल किया जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है।
-विनोद कुमार, मुख्य विकास अधिकारी।