हिंदू आर्मी के श्रीकृष्ण जन्मभूमि से संबंधित 13.37 एकड़ जमीन पर किए गए दावे में सोमवार को तीन प्रतिवादी पेश हुए। प्रतिवादी को न्यायालय द्वारा दावे की प्रति प्रदान की गई। साथ ही वादी ने अपनी जान का खतरा बताते हुए कोर्ट से सुरक्षा की मांग की है।
20 फरवरी को दर्ज हुआ था केस
हिंदू आर्मी चीफ मनीष यादव ने 15 दिसंबर 2020 को सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में केस फाइल किया था। इसमें 20 फरवरी को केस दर्ज हुआ। सोमवार को केस के प्रतिवादी शाही मस्जिद ईदगाह कमेटी के सचिव एडवोकेट तनवीर अहमद, श्रीकृष्ण जन्मस्थान संस्थान सचिव कपिल शर्मा की तरफ से विशेष कार्याधिकारी विजय बहादुर सिंह, अधिवक्ता मुकेश खंडेलवाल, श्रीकृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट के अधिवक्ता राधा किशन खंडेलवाल और महेश चतुर्वेदी एडवोकेट मौजूद रहे। वादी मनीष यादव ने अदालत में अपनी निजी सुरक्षा के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। हिंदू आर्मी चीफ ने बताया कि चूंकि वह लखनऊ से आते हैं, इसलिए उन्हें सुरक्षा की आवश्यकता है। अब इस मामले में 30 अप्रैल को सुनवाई होगी।
पांच अधिवक्ताओं के मामले में 13 अप्रैल को होगी सुनवाई
अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह व चार अन्य अधिवक्ताओं के दावे पर बुधवार को अदालत में सुनवाई हुई। उनके द्वारा दावे में परिवर्तन किए जाने को लेकर प्रार्थनापत्र दिया गया। इस पर अदालत ने सुनवाई के लिए अगली तारीख 13 अप्रैल तय की है।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि का मामला: हिंदू आर्मी के दावे पर जवाब के लिए मुस्लिम पक्ष ने मांगा समय
अधिवक्ताओं ने 19 फरवरी को सीनियर सिविल जज की अदालत में दावा दाखिल किया था। दूसरे दिन 20 फरवरी को दावे दर्ज कर लिए गए। सुनवाई के लिए 10 मार्च की तारीख तय की थी। बुधवार को बहस के दौरान अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह के साथ अधिवक्तागण काव्या सिंह, अंकित तिवारी, वरुण कुमार मिश्रा, सूर्यकांत सिंह व दीपक ने कुछ परिवर्तन के लिए प्रार्थनापत्र दाखिल किया। अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह ने बताया कि अदालत ने अगली तारीख 13 अप्रैल दी है।