मैनपुरी। सरकार ने खेल को अनिवार्य शिक्षा घोषित किया है। इसी उद्देश्य को देखते हुए परिषदीय स्कूलों में वर्ष 2019 में खेल किट उपलब्ध कराए गए थे। अब स्कूलों की खेल किट से सामान गायब हो गया है। छात्र-छात्राओं को खेल गतिविधियों के लिए सामान नहीं मिल पा रहा है।जिले के सभी परिषदीय स्कूलों में वर्ष 2019 में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए खेल किट उपलब्ध कराई गई थी। खेल किट के लिए 10 हजार रुपये प्रत्येक स्कूल को उपलब्ध कराए गए थे। अब देखने को मिल रहा है कि स्कूलों में खेल किट से आधे से अधिक सामान गायब हो गया है। जिसके चलते स्कूली बच्चों खेल गतिविधियों के लिए सामान नहीं मिल पा रहा है।
परिषदीय स्कूलों में वॉलीबाल, क्रिकेट, बैडमिंटन, बास्केटबाल, कैरम, शतरंज आदि खेलों के लिए खेल सामान की किट उपलब्ध कराई गई थी। जिला समन्वयकों द्वारा हाल ही में कराई गई सर्वे में पाया गया है कि अधिकतर स्कूलों में खेलकिट से खेल का सामान गायब है। कुछ प्रधानाध्यापक तो खेल किट के सामान को अपने घरों पर रखे हुए हैं। स्कूल में बच्चों को खेलने के लिए सामान उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
बच्चों को खेल के लिए जरूरी सामान उपलब्ध कराया जाए। खेलकिट स्कूलों में उपलब्ध रहे। निरीक्षण के दौरान खेल किट की जांच की जाएगी। यदि खेल किट नहीं मिलती है तो संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों पर कार्रवाई होगी।
दीपिका गुप्ता, बीएसए