कासगंज। जिले की पचलाना गोशाला में गाय के गोबर से बिजली का उत्पादन किया जाएगा। इसके लिए पंचायतीराज विभाग ने 24 लाख का प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। गोशाला में एक दिन में 5 किलोवाट बिजली का उत्पादन होगा। इस बिजली का उपयाेग गोशाला के अलावा गांव के पंचायत भवन, स्कूल, सामुदायिक शौचालय में किया जाएगा। जिससे बिजली की बचत होगी और बिजली में होने वाले खर्च से भी राहत मिलेगी।
स्वच्छ भारत मिशन फेस 2 के तहत अब गोबर का सदुपयोग किया जाएगा। शासन ने ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली पर निर्भरता कम करने के लिए अब गोबर से बिजली का उत्पादन करने की योजना शुरू की है। इस योजना के तहत गोशालाओं में पलने वाले निराश्रित गोवंशों के गोबर से बिजली का उत्पादन किया जाएगा। पहले चरण में जिले की पचलाना गोशाला का चयन किया गया है। इस गोशाला में 400 निराश्रित गोवंश का पालन होता है। जिससे एक दिन में 25 क्विंटल तक गोबर की प्राप्ति होती है।
गोशाला के इस गोबर का उपयोग बिजली उत्पादन के लिए किया जाएगा। पंचायती राज विभाग ने इस योजना पर अमल शुरू कर दिया है। बिजली उत्पादन के लिए जो प्लांट लगेगा उसके लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट विभाग ने तैयार की है। इस रिपोर्ट को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। जैसे ही शासन से इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलेगी योजना पर काम शुरू हो जाएगा।
-400 गोवंशीय पशु पल रहे है गोशाला में
-25 क्विंटल गोबर एक दिन में हो जाता है प्राप्त जैविक खाद भी होगी तैयार
कासगंज। पचलाना गोशाला में बिजली उत्पादन के बाद जो बेस्ट बचेेगा उसका उपयोग जैविक खाद बनाने में होगा। जिसका उपयोग ग्राम पंचायत में खेतों में खाद लगाने के लिए किया जाएगा। जिससे रसायनिक खाद का प्रयोग कम करने में मदद मिलेगी।
पचलाना गोशाला में बिजली का प्लांट लगाने के लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। यदि यह प्रयोग सफल रहा तो जिले की अन्य गोशालाओं में भी इस तरह के प्लांट लगाए जाएंगे। देवेंद्र सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी