मैनपुरी। थाना बरनाहल क्षेत्र के गांव नगला दलीप में 11 साल पहले दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर भाभी की हत्या करने वाले देवर को एफटीसी प्रथम जज अनीता ने सात साल की सजा सुनाई है। 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाने के बाद हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
थाना बरनाहल के नगला दिलीप निवासी जय कुमार राठौर की शादी 24 जून 2011 को सरोजनी के साथ हुई थी। दहेज में बाइक की मांग पूरी नहीं होने पर सरोजनी की 31 अगस्त 2011 को हत्या कर दी गई। सरोजनी के पिता किशनपाल ने पति जयकुमार, जेठ विजय, जेठानी राखी और देवर सुमित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने जांच करने के बाद चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई एफटीसी प्रथम जज अनीता की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने देवर सुमित केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर सुमित को अपनी भाभी सरोजनी की हत्या करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी मुकुल रायजादा ने उसको कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी प्रथम जज अनीता ने सुमित को सात साल की सजा सुनाकर 11 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाने के बाद उसको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
पति को पहले हो चुकी सजा
दहेज की खातिर सरोजनी की हत्या करने के मामले में पति जयकुमार को पहले ही सजा सुनाई जा चुकी है। देवर सुमित का मामला पहले किशोर न्यायालय में चला। बाद में उसके खिलाफ अलग से एफटीसी प्रथम के न्यायालय में मुकदमा चला। सुमित को भी गवाही के आधार पर सात साल की सजा सुनाई गई है।