जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव/अपर जिला जज कमल सिंह ने जेल का निरीक्षण किया। जेल में तीन बंदियों ने मुकदमा लड़ने के लिए प्राधिकरण से वकील दिलाने की मांग की। पांच बंदियों ने जेल अपील की अपील संख्या दिलाने की मांग की।
प्राधिकरण सचिव ने जेल अस्पताल, महिला बैरक, अल्प वयस्क बैरक सहित अन्य बैरकों के अलावा तारकशी केंद्र की व्यवस्थाएं देखीं। महिला बंदियों की बैरक में ही समस्याएं सुनीं। बंदी सुमित, विनोद, मधु बंजारा ने मुकदमा लडऩे के लिए वकील मांगे। कहा कि गरीबी के चलते वकील नहीं कर पाने से मुकदमे में पैरवी नहीं हो पा रही है। कन्हैया पाल, राकेश, अजय उर्फ नरेश, ब्रजेश, संतोष ने जेल अपील की अपील संख्या दिलाने की मांग की।
प्राधिकरण सचिव को निरीक्षण में तारकशी केंद्र में बंदी तारकशी करते मिले। कंप्यूटर कक्ष में बंदी कंप्यूटर की शिक्षा लेते मिले। उन्होंने जेल अपील दायर करने वाले बंदियों से भी पूछताछ की। जेल अधिकारियों को बंदियों की समस्याओं का तत्काल निराकरण के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जेलर पवन कुमार त्रिवेदी, डिप्टी जेलर मनोज कुमार शुक्ला, प्राधिकरण कार्यालय प्रभारी आराधना शर्मा, जेल पीएलवी अजय कुमार चौहान मौजूद रहे।
जेल अस्पताल में भर्ती हैं पांच बंदी
बीमारियों के इलाज के लिए जेल अस्पताल में पांच बंदी भर्ती हैं। जेल में कुल 748 बंदी हैं। इनमें 684 पुरुष बंदी, 43 महिला बंदी हैं। महिला बंदियों के साथ चार आश्रित बच्चे भी हैं। जेल में 19 अल्प वयस्क बंदी हैं। जेल में सजा याफ्ता 214 तथा विचाराधीन 525 बंदी हैं। एक बंदी को फांसी की सजा जिला न्यायालय से हो चुकी है। वह जेल में बंद है।