कछला में कासगंज की ओर घाट पर श्रद्धालु रोके जाने पर सूना पड़ा घाट ।
कासगंज। इस समय गंगा उफान पर है और कांवड़ मेला भी परवान चढ़ रहा है। ऐसी स्थिति में बदायूं के प्रशासन और पुलिस ने कछला गंगाघाट के कासगंज की ओर के घाट पर स्नान प्रतिबंधित कर दिया है। गंगाघाट की ओर आने जाने के मार्ग पर भी बैरिकेट लगा दिए गए हैं। इससे गंगाघाट पर बुधवार को पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा।चार दिन पूर्व कछला गंगाघाट पर हाथरस के एक श्रद्धालु कांवड़िये की डूबकर मौत हो गई थी। इसके बाद बदायूं के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने कासगंज की ओर के गंगाघाट पर स्नान पर रोक लगाने का ऐलान कर दिया। बदायूं प्रशासन ने कासगंज की ओर के गंगाघाट पर बल्लियां लगाकर सघन बैरिकेडिंग कराई है। पुलिस की टीम भी घाट की ओर तैनात की गई है। जिससे श्रद्धालु कासगंज घाट की ओर न जा सकें। श्रावण मास में बड़ी संख्या में कांवड़िये कछला गंगाघाट पर पहुंचते हैं और गंगास्नान कर कांवड़ भरकर ले जाते हैं। शनिवार व रविवार को श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक होती है। दिन ही नहीं रात्रि के समय में भी कांवड़िये गंगास्नान करके कांवड़ भरते हैं। अब कछला पर केवल बदायूं घाट की ओर ही स्नान करके श्रद्धालु कांवड़ भर पाएंगे कछला पर कासगंज की ओर के घाट पर बढ़ी संख्या में दुकानें संचालित होती हैं। खान पान की सामग्री के अलावा पूजा सामग्री, कास्मेटिक, कांवड़ व कन्फेक्शनरी की तमाम दुकाने हैं। यह दुकानें बंद रहीं। कछला नगर पंचायत के पूर्व सदस्य मुकेश कश्यप ने प्रशासन के फैसले पर आपत्ति व्यक्त की है। कासगंज की ओर के दुकानदारों ने बदायूं प्रशासन से प्रतिबंध हटाने की मांग की है। कछला के कासगंज की ओर के घाट पर गंगा स्नान पर रोक लगने के बाद अब कांवड़ियों का दबाव तीर्थनगरी के लहरा गंगाघाट पर बढेगा। कासगंज की ओर से वे कांवड़िये की कछला की ओर जाते थे जो लहरा में भीड़ के दबाव से बचना चाहते थे, लेकिन अब ये कांवड़िये कछला की ओर नहीं जा सकेंगे। ऐसी स्थिति में कांवड़िये लहरा घाट पर ही पहुंचेंगे।