सोरोंजी। ककोड़ा मेला खत्म होने के बाद दुकानदार व खेल तमाशे वालों ने अपने डेरे सोरोंजी में आयोजित होने वाले मेला मार्गशीर्ष मेला ग्राउंड में लगा दिए हैं। अभी मेले में जगह के आवंटन के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। 11 दिसंबर को टेंडर खुलने के बाद संबंधित फर्म दुकानदारों व खेल तमाशे वालों के लिए जगह का आवंटन करेगी।मेला मैदान में पहले से ही दुकानदार अपने डेरे तंबू लेकर पहुंच गए हैं। मेला ग्राउंड में पत्थर व लकड़ी के सामान बनाने वाले कारीगर, बच्चों के झूले आदि के लघु व्यापारी प्रतिदिन आ रहे हैं। वहीं सोमेश्वर मंदिर मार्ग पर निजी जगहों पर कंबल की दुकानें भी लगना शुरू हो गईं हैं। मेला मार्गशीर्ष का शुभारंभ 20 दिसंबर को किया जाएगा। 23 दिसंबर को मोक्षदा एकादशी का प्रथम स्नान पर्व है। इस दिन हरि की पौड़ी में लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाएंगे। वहीं शूकरक्षेत्र की महापंचकोसी परिक्रमा में भाग लेंगे। 24 दिसंबर को मार्गशीर्ष द्वादशी पर भगवान वराह के निर्वाण दिवस के अवसर पर स्नान पर्व होगा। 25 दिसंबर मार्गशीर्ष त्रयोदशी पर नागा साधु, संतों की विशाल शोभायात्रा के नगर भ्रमण के बाद हरि की पौड़ी में शाही स्नान होगा। 26 दिसंबर पूर्णिमा को मार्गशीर्ष अमृत कुंभ का अंतिम स्नान पर्व होगा। लेकिन मेला मार्गशीर्ष 5 जनवरी तक चलेगा। हरि की पौड़ी में स्नान करने के लिए बड़ी संख्या में संतों का तीर्थनगरी पहुंचना शुरू हो गया है। तीर्थनगरी के महेश दयानंद सोहम आश्रम, स्वामी अमृतानंद सोहम आश्रम, स्वामी ब्रह्मानंद सोहम आश्रम , भक्त आश्रम, वंशी वाले बाबा आश्रम, नागालैंड आदि विभिन्न संत आश्रमों में महात्माओं का शूकरक्षेत्र के अमृत कुंभ में सहभागिता करने के लिए आना शुरू हो गया है।