दिवाली की छुट्टियों के बाद शनिवार को ताजमहल का दीदार करने के लिए सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही ताज के गेट पर सैलानियों का रेला लगा रहा, वहीं मुख्य गुंबद पर अव्यवस्थाओं के कारण सैलानियों के उतारे गए शू-कवर जहां-तहां पड़े रहे।
शू-कवर का कचरा शाहजहां मुमताज की कब्रों वाले कक्ष में भी दरवाजे के पास दिखा तो सैलानियों ने इसके वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिए। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की लापरवाही और अव्यवस्थाओं के कारण ताजमहल पर शू-कवर का मसला सोशल मीडिया पर छाया रहा।
ताजमहल के पश्चिमी गेट पर शनिवार को पूरे दिन पर्यटक परेशान रहे। टिकट काउंटर पर 17 हजार से ज्यादा लोग पूरे दिन बने रहे, जिस वजह से नीम तिराहा तक पर्यटकों की भारी भीड़ रही। रॉयल गेट से लेकर मुख्य गुंबद और चमेली फर्श पर सैलानियों का रेला नजर आया। पूर्वी गेट पर पाठक प्रेस के सामने पर्यटकों की भीड़ रही, लेकिन यहां पश्चिमी गेट के मुकाबले एक तिहाई पर्यटक ही पहुंचे।
गुंबद पर सैलानी कम, कचरा ज्यादा
ताजमहल के मुख्य गुंबद पर महज 3797 पर्यटक ही पहुंचे, लेकिन शू-कवर का कचरा यहां ज्यादा नजर आया। डस्टबिन की जगह उपयोग किए जा चुके शू-कवर ताज के संगमरमरी गुंबद और शाहजहां मुमताज की कब्रों के पास वाले कमरों में फैले नजर आए। यमुना किनारे की ओर बने गेट से निकास के बाद ही पर्यटकों ने शू-कवर फेंकने शुरू कर दिए, जिसके वीडियो और फोटो एक्स के साथ फेसबुक और इंस्टाग्राम पर दिन भर वायरल होते रहे।
50 हजार से ज्यादा सैलानियों ने देखा ताज
शनिवार को ताजमहल पर 50 हजार से ज्यादा सैलानी पहुंचे। दिवाली की छुट्टियों में घर आए सैलानी शनिवार को परिवार के साथ ताज देखने पहुंचे। ऑनलाइन और ऑफलाइन कुल 39,385 टिकट ताजमहल पर बिके। ताज समेत एएसआई संरक्षित स्मारकों पर 15 वर्ष से कम उम्र के पर्यटकों का प्रवेश निशुल्क है।
ऐसे में टिकटों की संख्या लगभग 40 हजार रही, जबकि प्रवेश 50 हजार से ज्यादा सैलानियों ने किया। ताज के पूर्वी गेट स्थित काउंटर से 5992 टिकट बिके, जबकि पश्चिमी गेट से 16442 ने टिकट खरीदा। ऑनलाइन टिकट खरीदने वाले 16951 पर्यटक रहे। इन 39,385 सैलानियों में से महज 3797 ने ही ताज के मुख्य गुंबद में 200 रुपये का अतिरिक्त टिकट खरीदकर प्रवेश किया।