दैवी संपद मंडल के परमाध्यक्ष स्वामी शारदानंद सरस्वती की समाधि
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दैवी संपद मंडल के परमाध्यक्ष स्वामी शारदानंद सरस्वती के ब्रह्मलीन होने के बाद सोमवार को श्रीएकरसानंद आश्रम परिसर में श्रद्धांजलि सभा के साथ ही षोडशी भंडारे का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम में हजारों शिष्यों के साथ ही देशभर के अखाड़ों से 50 से अधिक महामंडलेश्वर शामिल होंगे। इसके साथ ही पांच केंद्रीय मंत्री और प्रदेश सरकार के दो मंत्रियों के आने की भी संभावना है। रविवार को दिनभर आश्रम परिसर में कार्यक्रम की तैयारी चलती रहीं।
दैवी संपद मंडल के परमाध्यक्ष स्वामी शारदानंद सरस्वती छह नवंबर की रात ब्रह्मलीन हो गए थे। मैनपुरी स्थित श्रीएकरसानंद आश्रम परिसर में उन्हें समाधिष्थ किया गया था। सोमवार 21 नवंबर को आश्रम परिसर में श्रद्धांजलि सभा के साथ ही षोडशी भंडारे का आयोजन किया गया है। महामंडलेश्वर स्वामी हरिहरानंद महाराज ने बताया कि षोड़शी भंडारे में देश के विभिन्न प्रांतों में फैले आश्रमों से जुड़े शिष्य शामिल होंगे।
50 से अधिक महामंडलेश्वर होंगे शामिल
इसके साथ ही देशभर के अखाड़ों से 50 से अधिक महामंडलेश्वर, संत, महंत मैनपुरी आकर श्रद्धांजलि सभा में शामिल होंगे। श्रद्धांजलि सभा की समाधि स्थल पर सुबह आठ बजे से शुरू होगी। वृहद स्तर पर साढ़े 12 बजे श्रद्धांजलि सभा श्री एकरसानंद आदर्श इंटर कॉलेज में शुरू होकर शाम चार बजे तक चलेगी। इसके बाद भंडारे का आयोजन होगा। सामान्य भक्तों के लिए भंडारे की व्यवस्था माहेश्वरी धर्मशाला परिसर में होगी।
स्वामी चिन्मयानंद ने देखीं व्यवस्थाएं
षोड़शी भंडारे में देशभर से संत और शिष्य आएंगे। बड़ी संख्या में संत और शिष्य रविवार को ही मैनपुरी पहुंच गए। रविवार को स्वामी चिन्मयानंद ने आश्रम परिसर में चल रहीं तैयारियों का जायजा लिया। आश्रम परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। मैनपुरी पहुंचे शिष्यों ने समाधि स्थल पर पहुंचकर अपने गुरु को श्रद्धांजलि दी।