6एमएनपी-18-भोगांव के शिव मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु
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मैनपुरी। सावन के पहले सोमवार को घर-घर में भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगे। शिवालयों के पट बंद होने के कारण मंदिर में भक्त पूजा-अर्चना नहीं कर सके। घरों में ही श्रद्घालुआें ने अपने आराध्य देव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक किया। शिव चालीसा, महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया। व्रत रखकर मनौतियां मांगीं।
कोरोना महामारी को लेकर जिले के सभी धार्मिक स्थल 20 जुलाई तक के लिए बंद हैं। सोमवार को भी जिलेभर के प्रमुख मंदिरों में महंत और पुजारी ने पूजा की। घरों में श्रद्धालुओं ने भगवान आशुतोष को बेलपत्र, धतूरा, भांग, दुग्ध और प्रसाद चढ़ाकर जलाभिषेक किया। शहर के प्राचीन भीमसेन मंदिर, श्री चांदेश्वर मंदिर सन्नाटा छाया रहा। कुछ भक्त यहां पूजा करने पहुंचे तो उन्हें पुलिसकर्मियों और मंदिर प्रशासन ने घर भेज दिया। शहर के श्री चांदेश्वर मंदिर में सुबह के समय कुछ देर के लिए पट खोले गए। पुलिस ने एक बार में पांच-पांच भक्तों को दर्शन कराए। अन्य सभी भक्तों को मंदिर के बाहर ही रोका गया। गेट खोलकर पांच-पांच भक्तों को मंदिर में प्रवेश दिया गया।
गांव-देहात के मंदिरों में हुई पूजा
कस्बों में भी अधिकांश मंदिर बंद रहे। हालांकि ग्रामीण अंचल के कुछ मंदिरों में भक्त पूजा करने पहुंचे। भोगांव कस्बा स्थित र्साइं मंदिर व छोटा बाजार के भोलेनाथ मंदिर में पहुंचकर भक्तों ने पूजा की। किशनी, कुसमरा, करहल, बेवर आदि क्षेत्रों स्थित मंदिरों में दिनभर भक्त पूजन के लिए पहुंचे रहे।
नहीं लगे मेला, बच्चे हुए मायूस
सावन के पहले सोमवार को अधिकांश मंदिरों में मेले लगते थे। इस बार किसी भी मंदिर में मेला न लगने से बच्चे मायूस दिखे। हर वर्ष सावन में शहर के भीमसेन मंदिर, श्री चांदेश्वर मंदिर सहित गांव और कस्बों के प्रमुख मंदिरों में मेलों का आयोजन होता था।