नगरिया स्थित प्राचीन मयन ऋषि आश्रम के पर्यटन विकास कार्य का शिलान्यास पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के स्थलों के विकास, सौन्दर्यीकरण की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। मैनपुरी ऋषियों, मुनियों और तपस्वियों की तपोस्थली रही है। शीतला मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए तमाम प्रयास किए गए। लेकिन जमीन न मिलने के कारण शुरूआत नहीं हो सकी। इसके बाद ऐसी तपोस्थली को खोजा गया जो जनपद के नाम से प्रसिद्ध हैं।
उन्होंने कहा कि पुरातात्विक महत्व के धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्वार कराने के लिए शासन स्तर से कई स्थानों के लिए धनराशि अवमुक्त कराई गई है। रामलीला मैदान में सीसी रोड, नाला निर्माण, कुरावली स्थित रामलीला मैदान की बाउंड्रीवॉल, जीर्णोद्धार, च्यवन ऋषि आश्रम औंछा के सौंदर्यीकरण, जीर्णोद्धार, मार्कंडेय ऋषि आश्रम बिधूना के सौंदर्यीकरण, जीर्णोद्धार के लिए धनराशि स्वीकृत की गई है।
उन्होंने कहा कि बाबा लालपुरी की समाधि स्थल जीर्णोद्धार, कुरावली में बौद्ध बिहार की पहुंच मार्ग के लिए धनराशि स्वीकृत हो चुकी है। पिछड़े जनपद के रूप में पहचान रखने वाले जिले की पहचान अब प्रदेश के अग्रणी जनपद में होगी। विकास के लिए कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।
मयन ऋषि विसारी देवी धर्मार्थ सेवा समिति ने भी पर्यटन मंत्री को सम्मानित किया। समिति के अध्यक्ष मुनेंद्र मिश्रा, सुभाष मिश्रा और कमल मिश्रा, सुधीर दुबे और संदीप चतुर्वेदी ने पर्यटन मंत्री को स्मृति चिह्न भेंट किया। इस दौरान
सीडीओ विनोद कुमार, एडीएम रामजी मिश्रा, एसडीएम सदर नवोदिता शर्मा, पर्यटन सूचना अधिकारी प्रदीप टम्टा, डीसी एनआरएलएम पीसी राम, सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह, आलोक गुप्ता, पूर्व विधायक अशोक चौहान, शिवदत्त भदौरिया, राहुल चतुर्वेदी, प्रदीप चौहान मौजूद रहे।