मथुरा के कोसीकलां में डेढ़ माह पूर्व नशीला पदार्थ खिलाकर महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। उसके पैर तोड़कर दुर्घटना में मृत्यु दर्शाने के उद्देश्य से रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया। इसके बाद भी वह बच गई, लेकिन पीड़िता इलाज के लिए तरस रही थी। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग ने महिला को वृंदावन के रामकिशन मिशन हॉस्पिटल में भर्ती कराया है।
सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िता को उपचार भी नसीब नहीं शीर्षक से रविवार के अंक में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। एसएसपी अभिषेक यादव, सीएमओ डॉ. एके वर्मा ने मामले का संज्ञान लेने के बाद सीएचसी प्रभारी डॉ. गिरेंद्रपाल सिंह को पीड़िता को उचित उपचार के लिए वृंदावन के रामकिशन मिशन हॉस्पिटल में भर्ती कराने के निर्देश दिए।
सीएचसी प्रभारी ने पीड़िता को वहां भर्ती करा दिया। बताया गया है कि महिला का एक पैर कटने के बाद दूसरे में सैप्टिक हो गया है, जिससे उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। बुधवार को सीएमओ डॉ. एके वर्मा एवं डॉ. भूदेव सिंह ने अस्पताल पहुंच परिजनों से जानकारी की। हॉस्पिटल प्रशासन एवं डॉ. मयंक अग्रवाल से मरीज के बारे में पूछताछ की। बताया गया कि महिला का पति भी दिव्यांग है। सीएमओ ने बताया कि पीड़ित के इलाज में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
24 मई की है घटना
बताया गया था कि 24 मई को एक महिला से सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद उसके पैरों पर बाइक चढ़ा दी गई थी। घटना को दुर्घटना में बदलने के लिए रेलवे लाइन पर फेंक दिया। घटना के बाद से वह आगरा के एसएन मेडीकल कॉलेज में भर्ती हुई, जहां उससे दवाइओं, पट्टी के नाम पर शुल्क वसूला गया। इतना ही नहीं उसका एक पैर भी चिकित्सकों को कटाना पड़ा। रुपये समाप्त होने के बाद वह गांव लौट आई थी।