मैनपुरी। बरनाहल थाना क्षेत्र के नगला शिवकरन गांव निवासी रामनिवास हत्याकांड में पांच साल चले मुकदमे के बाद एक दोषी को न्यायालय ने सात साल की सजा सुनाई है। उस पर 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। बता दें कि वर्ष 2019 में हुए इस हत्याकांड में एक नेत्रहीन सहित दो आरोपियों को आरोपी साबित न होने पर न्यायालय से बरी किया जा चुका है।
बरनाहल क्षेत्र के नगला शिवकरन गांव निवासी रामनिवास का शव 9 सितंबर 2019 को नगला फूलसहाय के पास पड़ा मिला। मृतक के पुत्र राहुल नेगांव के सोपाली और उसके साथियों के खिलाफ हत्या कर शव को गायब करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि सोपाली उसके पिता को घर से अपने साथ ले गया था।
हत्या करके शव को झाड़ियों में छिपा दिया। पुलिस ने जांच करने के बाद चार्जशीट कोर्ट में भेज दी थी। मुकदमे की सुनवाई जिला जज सुधीर कुमार की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने मुख्य आरोपी सोपाली केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर सोपाली को हत्या करने का दोषी पाया गया। वहीं इस मामले में सह आरोपी बनाए गए सतीश और गब्बे के खिलाफ भी चार्जशीट न्यायालय में भेजी थी।
वहीं नेत्रहीन सतीश और गब्बे के खिलाफ साक्ष्य न मिलने पर कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया। बुधवार को न्यायालय में सोपाली को दोषी करार देते हुए कोर्ट ने सात साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।