कलक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को डीएम अविनाश कृष्ण सिंह ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि एसडीएम, बीडीओ, अधिशासी अधिकारी नगर निकाय सामूहिक विवाह योजना का लाभ पाने के लिए प्राप्त आवेदनों की गहनता से जांच करें। आवेदन पत्रों का शत प्रतिशत भौतिक सत्यापन करें। सत्यापन के दौरान वर- वधु, उसके अभिभावकों के फोटो अवश्य कराएं। अपात्र को योजना का लाभ मिलने पर संबंधित की जवाबदेही तय कर दंडात्मक कार्रवाई होगी।
डीएम ने कहा कि प्रत्येक विकासखंड को 100-100, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को 75 एवं अन्य समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत को 25-25 का लक्ष्य आवंटित किया गया है। आवंटित लक्ष्य की पूर्ति करें। लेखपाल, सचिव, सफाई नायक, ग्राम प्रधानों, राशन डीलर का सहयोग लें। ऐसे गरीब परिवारों को जिनके यहां शादी प्रस्तावित है, को चिह्नित कराकर उन्हें योजना में लाभांवित कराएं। ग्राम भ्रमण के दौरान ग्रामीणों से संवाद करें।
डीएम ने कहा कि खंड विकास अधिकारियों, अधिशाषी अधिकारी नगर निकाय द्वारा 619 फॉर्म सत्यापन के लिए उप जिलाधिकारियों को भेजे गए हैं। जिनमें से मात्र 82 फॉर्म का ही सत्यापन कर रिपोर्ट उप जिलाधिकारियों द्वारा भेजी गई है। दो दिन में जांच पूरी करके रिपोर्ट समाज कल्याण अधिकारी को उपलब्ध कराएं। मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार, अपर जिलाधिकारी रामजी मिश्र, मुख्य चिकित्साधिकारी पीपी सिंह, उप जिलाधिकारी नवोदिता शर्मा, अंजलि सिंह, गोपाल शर्मा, आरएन वर्मा, शिव नारायण, युगांतर त्रिपाठी, समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार मौजूद रहे।