मैनपुरी। सावन मास 14 जुलाई (आज) से शुरू होने जा रहा है। पूजा-अर्चना को लेकर जिलेभर के शिवालयों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यहां माह भर सुबह-शाम जयकारे गूंजेंगे। 12 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के साथ माह का समापन होगा।
सावन माह को श्रावण मास के नाम से भी जानते हैं। भगवान शंकर की कृपा पाने के लिए इस माह में उनकी विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की जाती है। इससे भक्तों को दुखों से मुक्ति मिलती है और मनोकामना पूरी होती है। पूजन के लिए जिलेभर के शिवालय सज गए हैं। शिवालयों में सोमवार को विशेष सुरक्षा व्यवस्था रहेगी।
यह हैं प्रसिद्घ मंदिर
शहर में प्रसिद्ध श्री भीमसेन महादेव मंदिर, चांदेश्वर मंदिर, मोटे महादेव मंदिर आदि में सावन माह में भीड़ रहती है। इसे देखते हुए यहां विशेष इंतजाम किए गए हैं।
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इन बातों को रखें विशेष ख्याल
आचार्य रामानंदन ने बताया कि सावन महीने में व्यक्ति को सात्विक आहार लेना चाहिए। प्याज, लहसुन नहीं खाना चाहिए। मांस- मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। भगवान शंकर की विधि-विधान के साथ पूजा करनी चाहिए। ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। व्रत का महत्व है। सावन माह में सोमवार का व्रत जरूर करें। भगवान शिव का जलाभिषेक करें।
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पूजा में प्रयोग होने वाली सामग्री
आचार्य रामानंदन ने बताया कि भगवान भोलेनाथ की पूजा में पुष्प, फल, मेवा, रत्न, सोना, चांदी, दक्षिणा, पूजा के बर्तन, कुशासन, दही, देशी घी, शहद, गंगा जल, पांच तरह के रस, इत्र, गंध रोली, मौली जनेऊ, मिष्ठान्न, बिल्वपत्र, धतूरा, भांग, बेर, आम्र मंजरी, जौ की बाल, तुलसी दल, मंदार पुष्प, गाय का कच्चा दूध, ईख का रस, कपूर, धूप, दीप, रूई, मलयागिरी चंदन, शिव व मां पार्वती की शृंगार की सामग्री आदि का प्रयोग करें।
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इस माह चार सोमवार
पहला- 18 जुलाई
दूसरा - 25 जुलाई
तीसरा- 01 अगस्त
चौथा - 08 अगस्त