कासगंज। संस्कृत विद्यालयों में बेहतर शिक्षा का माहौल बनाने के लिए उनका कायाकल्प किया जाएगा। यह विद्यालय भी आदर्श विद्यालय के रूप में दिखेंगे। प्रोजेक्ट अलंकार योजना के तहत विद्यालयों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। शासन स्तर से इसके लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं। इस पर होने वाले खर्च की 95 प्रतिशत धनराशि शासन उपलब्ध कराएगा। जिले में आठ अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इन्हें सुधारने के लिए कभी सरकार की ओर से कोई पहल नहीं हुई। इन वजह से संस्कृत विद्यालयों में लगातार विद्यार्थियों की संख्या में कमी होने लगी। रखरखाव के अभाव में ये विद्यालय बदहाल होने लगे। इसको देखते हुए शासन ने संस्कृत विद्यालयों को सुधारने की योजना तैयार की है। इसके लिए शासन स्तर से प्रस्ताव मांगे गए हैं। माध्यमिक विद्यालयों में चल रही प्रोजेक्ट अलंकार योजना को अब संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में भी लागू किया गया है। ताकि इनकी दशा सुधर सके और इनमें पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इसके साथ ही बच्चे पढ़ाई के साथ खेलकर अपना मनोरंजन कर सकें। जिला विद्यालय निरीक्षक पीके मौर्य का कहना है कि संस्कृत विद्यालयों को प्रोजेक्ट अलंकार योजना के तहत कायाकल्प किया जाना है। विद्यालयों से प्रस्ताव लेकर शासन को भेजा जाएगा। बजट मिलते ही विद्यालयों में कायाकल्प के तहत कार्य शुरू करा दिए जाएंगे।