जैतपुर में हिंदू सम्मेलन में गरजे संत
बाह (आगरा)। संत सरोवर हिंदू सम्मेलन समिति के तत्वाधान में जैतपुर के रामलीला मैदान में आयोजित हिंदू सम्मेलन में हिंदू एवं सनातन को मजबूत करने के लिए संत खूब गरजे। श्री श्री लक्ष्मी पीठाधीश्वर वृंदावन के संत स्वामी सत्यमित्रानंद महाराज ने अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का नाम लिए बिना कहा कि हर युग में एक कालनेमि हुए हैं। कालनेमि की माया को कोई समझ नहीं सकता। देश के लिए यशस्वी काम करने वाले मुख्यमंत्री के लिए बाबर जैसे शब्दों का प्रयोग करे, ऐसे व्यक्ति की कुंठित मानसिकता ने संत रूप में अव्यवहारिक रूप से सनातन को आघात पहुंचाया है। सनातनियों से उन्हें क्षमा मांगनी चाहिए। पवित्र धाम में मोक्ष की बात होनी चाहिए। उनके सहयोगियों ने पुलिस कर्मियों के बिल्ले नोचने का काम किया। उचित नहीं है, जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विधर्मी मानसिकता द्वारा संचालित लोगों की जांच हो। योगी सरकार ने यूपी को उत्तम प्रदेश बनाने का काम किया है। संत समाज उनके साथ है। महामंडलेश्वर कृष्णानंद महाराज ने कहा कि आज ही के दिन अयोध्या में राम मंदिर की स्थापना हुई थी। उन्होंने कहा कि हिंदू राष्ट्र बनेगा, क्यों कि हिंदू संस्कृति से उत्पन्न हुआ है। देश में 80 फीसदी आबादी हिंदू की है, हिंदू राष्ट्र बनना चाहिए। उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को याद दिलाया कि 2015 में सपा ने लाठी चार्ज किया था, 2004 में कांग्रेस ने कांची के शंकराचार्य जयेन्द्र सरस्वती को जेल में भेजने का काम किया था। ऐसी पार्टियों के बहकावे में नहीं आना चाहिए। दोनों पार्टियां शंकराचार्य और सनातन की शुभंचिंतक नहीं हैं। बहकावे में न आए, सनातन को मजबूत करने के लिए देश में मोदी और प्रदेश में योगी को मजबूत करें। राम मंदिर की तरह मथुरा में कृष्ण मंदिर बनेगा। सभी को संगठित होना चाहिए। धांधू बाबा रामदास त्यागी ने सनातन की मजबूती के लिए हिंदुओं को संगठित किए जाने का आहवान किया। कथा वाचक उमाकांत महाराज ने पौराणिक प्रसंगों से एक जुटता की सीख दी। इस दौरान उदयभान सिंह भदौरिया प्रधान, सोनू प्रधान, भूपेंद्र सिंह भदौरिया, राकेंद्र सिंह भदौरिया, ध्रुवराज सिंह भदौरिया, कुलदीप सिंह भदौरिया, लालू तोमर, ललित महेरे, हरिओम तिवारी, विजय चौधरी, रविंद्र सिंह भदौरिया, भाव सिंह नरवरिया, कमलेश जैन, कैप्टन परिवेश भदौरिया, अजय कुशवाह, अनुज बोहरे, मुकेश वर्मा, शिवा गुर्जर, राजेश चौहान, अजय सिंह भदौरिया, विद्याराम कुशवाह प्रधान, रमेश बिधौलिया आदि रहे।