मथुरा में ड्राइवर की कमी के चलते रोडवेज की 12 बसें खड़ी हो गई हैं। कई रूट पर बसों की संख्या भी कम कर दी गई है। बसों का संचालन बंद होने से रोडवेज को एक महीने के भीतर 30 लाख का नुकसान हो रहा है। कुछ नई बसें भी मिलने वाली थीं, जिन्हें स्टाफ की कमी के चलते लेने से ही इनकार कर दिया गया है। बसों का संचालन न होने से लोग भी परेशान हो रहे हैं।
रोडवेज की बसों में फर्जी टिकट के खुलासे के बाद 27 संविदा चालक-परिचालकों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया था। यह चालक-परिचालक हटा तो दिए गए, पर नई भर्ती नहीं की गई। इसके चलते मथुरा डिपो की बसों का संचालन गड़बड़ा गया।
यह मान लिया जाए कि करीब 12 बसें एक माह से मथुरा डिपो के वर्कशॉप से बाहर ही नहीं निकली। मतलब चालक-परिचालकों की कमी के कारण इन बसों को रूट पर नहीं भेजा जा सका। इससे प्रतिदिन एक लाख रुपये का नुकसान रोडवेज को होने लगा।
एक माह में यह नुकसान 30 लाख रुपये का हो गया। बसों के न निकलने से कई मार्गों पर बसों की कमी खलने लगी। मथुरा डिपो का दावा है कि जल्द ही चालक-परिचालकों की कमी को पूरा करके संचालन शुरु करवाया जाएगा।
एआरएम मथुरा आगरा में तो परिचालकों की ऑनलाइन भर्ती चल ही रही है, वहीं चालकों की भर्ती प्रक्रिया एआरएम स्तर पर की जा रही है। यह सभी संविदा पर रखे जाएंगे। यह प्रक्रिया जल्द ही पूरी कर ली जाएगी। जब स्टाफ पूरा हो जाएगा तो सभी बसों का संचालन विधिवत शुरू हो जाएगा।
- विनोद शुक्ला, एआरएम मथुरा डिपो