कासगंज। अप्रशिक्षित हाथों में स्टेयरिंग होने से बढ़ रहे हादसों पर शासन सख्त है। 18 साल से कम आयु के किशोर वाहन नहीं चला सकेंगे। वाहन देने वाले स्वामी पर तीन साल की सजा और 25 हजार रुपये का जुर्माना का प्राविधान बनाया गया है। छात्रों को जागरूक करने के लिए कक्षा 12 तक के प्रत्येक विद्यालयों में रोड सेफ्टी क्लब बनाया जाएगा।
सड़क हादसों में कमी लाने के लिए शासन से रोड सेफ्टी क्लब बनाने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस आदेश के जारी होने पर शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। प्रत्येक विद्यालय में क्लब बनाकर शिक्षक को नोडल अफसर बनाया जाएगा। प्रत्येक कक्षा में एक छात्र को रोड सेफ्टी कैप्टन चुना जाएगा। परिवहन विभाग शिक्षक को प्रशिक्षित करेगा। क्लब गठन के लिए विद्यालयों को पांच हजार रुपये तथा यातायात के नियमों का लेखन कराने के लिए पांच सौ रुपये की धनराशि दी जाएगी। प्रार्थना सभा के साथ ही प्रत्येक कक्षा में सप्ताह में कम से कम एक दिन यातायात नियमों की जानकारी दी जाएगी। क्लब का व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया जाएगा। इसमें सभी तरह की जानकारियां साझा की जाएंगी।
परिवहन विभाग ने 18 साल तक के बच्चों के वाहन चलाने पर पाबंदी लगा दी है। हालांकि 16 साल की उम्र होने पर वे 50 सीसी से कम इंजन क्षमता का हल्का दुपहिया वाहन चला सकेंगे। 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों को 50 सीसी से अधिक क्षमता के वाहन चलाने पर प्रतिबंध होगा। नियमों के उलंघन पर वाहन का पंजीकरण एक साल के लिए निरस्त होगा। अपराध में शामिल किशोर बालिग होने के 7 साल बाद यानी 25 वर्ष की उम्र में ही लाइसेंस बनवा सकेंगे। इसके अलावा कोई भी वाहन मालिक ऐसे व्यक्ति को अपना वाहन नहीं देगा, जिसके पास लाइसेंस न हो और उसकी उम्र 18 साल से कम हो। इन नियमों का सख्ती से अनुपालन होने पर सड़क हादसों के ग्राफ में कमी आने की उम्मीद है।