फोटो 12 कासगज के सरावल में बंबा की कटी खंदी का मरम्मत कार्य स्रोत संवाद
कासगंज। सिढ़पुरा क्षेत्र के कलानी रजबहा की कटी खंदी की मरम्मत का काम दूसरे दिन भी जारी रहा। रजबहा का पानी रोक दिया गया इससे जलस्तर कम हो गया। इसके समीपवर्ती चार गांवों के आबादी क्षेत्र में पानी भरा है। वहीं, फसलों में पानी है। किसानों को फसलों के बर्बाद होने की चिंता सता रही है।गोरहा नहर से निकलने वाला कलानी रजबहा की खंदी कटने से नगला भिकारी, सरावल, दहेली खुर्द, नगला किलू में किसानों की सैंकड़ों बीघा फसल में पानी भर गया था। इससे तबाही का आलम बन गया। गांव के आबादी के क्षेत्र और विद्यालय परिसर में पानी भर गया। कई मकान और दीवारें भी गिरीं। ग्रामीणों को काफी नुकसान हुआ। वहीं सरावल के बाजार में पानी भरने से दुकानों में रखा सामान भी खराब हो गया। किसानों की मक्का, बाजरा, धान की फसलों में पानी भरा हुआ है। तेज धूप के कारण खेतों में भरा पानी गर्म हो गया है इससे फसलों के सड़ने का खतरा बढ़ रहा है। ग्रामीण खेतों में भरे पानी की निकासी की कोशिशों में लगे हैं। नगला भिकारी की सड़क से पानी दूसरी ओर जा रहा है। सरावल के प्राथमिक विद्यालय में पानी भरने के कारण शिक्षकों ने विद्यालय ऊंचे चबूतरों पर विद्यार्थियों को बैठाकर शिक्षण कार्य किया। वहीं रसोई में पानी भरने से मिड डे मील का सामान व मसाले बर्बाद हो गए। नगला भिकारी के किसान अमर पाल, लक्ष्मी देवी ने बताया कि धान के खेत में पानी भरने से फसल खराब हाे रही है। तेज धूप से पानी गर्म हो रहा है। इससे फसल पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगी। वहीं सरावल के चेतराम, भूरे, महेश ने बताया कि पानी भरा होने से फसल को खासा नुकसान हो रहा है। कस्बे में भी पानी भरा है। जगह-जगह पानी भरा होने के कारण दिक्कत ही दिक्कत है। वहीं सिंचाई विभाग की टीम ने रजबहा की कटी खंदी की मरम्मत का कार्य बृहस्पतिवार को शुरू किया था। उस समय रजबहा में पानी अधिक था। इससे मरम्मत करने में परेशानी हो रहीं थी। सिंचाई विभाग की टीम ने रजबहा का पानी रुकवाया उसके बाद शुक्रवार को पानी कम हुआ और मरम्मत का काम सही ढंग से हो पाया। रजबहा कटने से गांव में पानी भर गया। इससे भवन और दीवारें गिर गईं। लोगों को लाखों की क्षति का सामना करना पड़ा। लालता प्रसाद के स्कूल के दो कमरे गिर गए। इससे पांच लाख रुपये का नुकसान हो गया। इसी तरह से कमलेश के टिनशेड की दीवार गिर गई और पानी में भूसा बह गया। राजेश और अरवेश वर्मा के मकान की दीवार गिर गई। कमलेश वर्मा का कमरा गिरा। नौशाद खान, ममतेश शाक्य, वेदराम, उमेश राठौर, कमलेश सहित अन्य ग्रामीणों के मकान और दीवार क्षतिग्रस्त हो गईं। पीड़ितों ने प्रशासन से आर्थिक मदद की मांग उठाई है।