मैनपुरी। पिछले तीन महीने से जिले में निजी अस्पतालों के नवीनीकरण की प्रक्रिया चल रही है। ऑनलाइन आवेदन की जांच के दौरान 70 अस्पतालों में खामियां मिली थीं। 31 जुलाई तक खामियों को दूर कर मानक पूरा करने के निर्देश सीएमओ ने दिए थे। लेकिन जिले के 30 अस्पताल संचालक निर्धारित समय में मानक पूरे नहीं कर सके हैं। अब सीएमओ ने उनका आवेदन निरस्त करने का आदेश नोडल अधिकारी को दिया है।
जिले में 106 निजी अस्पताल, क्लीनिक, पैथोलॉजी और जांच केंद्र का संचालन हो रहा है। संबंधितों के नवीनीकरण की कार्रवाई एक मई से की जा रही है। नवीनीकरण के लिए सभी से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। ऑनलाइन आवेदन में संचालकों द्वारा कई अधूरे मानक दर्शाए गए थे। सीएमओ ने नवीनीकरण के कार्य का नोडल अधिकारी डिप्टी सीएमओ सुरेंद्र सिंह को बनाया है। डिप्टी सीएमओ की रिपोर्ट पर सीएमओ ने पूर्व में 70 संचालकों को चेतावनी देते हुए नोटिस जारी किया था। नोटिस में कहा गया था कि 31 जुलाई तक सभी पंजीकरण संबंधी सारे मानक पूरे कर दें अन्यथा उनका आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा। सीएमओ की चेतावनी के बाद भी 30 अस्पताल ऐसे हैं जिन्होंने पंजीकरण संबंधी मानक पूरे नहीं किए हैं अब सीएमओ ने इनका आवेदन निरस्त करने के निर्देश डिप्टी सीएमओ को दिए हैं।
अग्निशमन व्यवस्था बन रही चुनौती
विभागीय सूत्रों की मानें तो निजी अस्पतालों के नवीनीकरण में सबसे बड़ी समस्या अग्निशमन व्यवस्था की आ रही है। अधिकतर अस्पताल ऐसे हैं जिनमें अग्निशमन की व्यवस्था नहीं है और अग्निशमन व्यवस्था कराने में अस्पतालों के सामने कई प्रकार की समस्याएं आ रही हैं। नोडल अधिकारी का स्पष्ट कहना है कि बिना अग्निशमन व्यवस्था के किसी का भी नवीनीकरण नहीं किया जाएगा।
डॉक्टर नहीं हो रहे उपस्थित
30 अस्पताल में से 25 अस्पताल ऐसे हैं जिनके द्वारा जिन चिकित्सकों का संबद्धीकरण दिखाया गया है वे डॉक्टर सीएमओ कार्यालय में शपथपत्र के लिए उपस्थित नहीं होना चाहते। जबकि सीएमओ के निर्देश हैं जब तक डॉक्टर उनके सामने उपस्थित नहीं होगा तब तक वे नवीनीकरण पर मोहर नहीं लगाएंगे।
नोडल अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि जिन लोगों ने मानक पूरे नहीं किए हैं उनकी पोर्टल पर जांच कर लें। मानक पूरा न करने वालों का आवेदन निरस्त कर दिया जाए। - डॉ. आरसी गुप्ता, सीएमओ