सोरोंजी। देवशयनी एकादशी पर 17 जुलाई को शूकरक्षेत्र की पंचकोशी परिक्रमा लगाई जाएगी। परिक्रमा सुबह 6 बजे वराह मंदिर परिसर से आरंभ होगी। शूकरक्षेत्र पंचकोसी परिक्रमा समाज सेवा समिति के संयोजक शरद कुमार पांडे ने लोगों से बड़ी संख्या में भगवान वराह मंदिर पर पहुंचकर पंचकोसीय परिक्रमा में प्रतिभाग करने की अपील की है।उन्होंने बताया कि शास्त्रों में देवशयनी एकादशी को मोक्ष देने वाली एकादशी कहा जाता है। इस दिन से भगवान श्री विष्णु विश्राम के लिए क्षीर सागर में चले जाते हैं और पूरे चार महीनों तक वहीं पर रहेंगे। भगवान श्री हरि के शयनकाल के इन चार महीनों को चातुर्मास के नाम से जाना जाता है। इन चार महीनों में श्रावण, भाद्रपद, आश्विन और कार्तिक मास शामिल हैं। एकादशी 16 जुलाई को शाम 8:33 बजे से 17 जुलाई को शाम नौ बजकर दो मिनट तक रहेगी। व्रत 17 जुलाई को रखा जाएगा। इस दिन व्रत करने के अलावा गंगा में स्नान करने और दान करने का विशेष महत्व होता है।