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Etah News: इलाज के लिए बेचने पड़े थे राशन के चावल, मदद के लिए आगे बढ़े हाथ, घर पहुंचकर की सहायता

Sun, 28 Aug 2022 03:02 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, एटा

सार

महिला को रोटरी क्लब के सदस्य व थानाध्यक्ष रिजोर ने उसके घर पहुंचकर सामान व नकदी दी। वहीं सामाजिक लोग मदद को पहुंचे तो ग्रामीणों ने अमर उजाला का आभार जताया। 
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महिला को मिली सहायता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एटा में आर्थिक तंगी से जूझ रही महिला को शहर आने तक के लिए रुपये नहीं होने पर राशन का चावल बेचना पड़ गया था। अमर उजाला में यह खबर प्रकाशित होने के बाद महिला की मदद के लिए शनिवार को समाजसेवियों ने हाथ बढ़ाए। महिला के घर पहुंचकर खाना पीने का सामान और धनराशि देकर सहायता की गई। 

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ब्लॉक सकीट थाना रिजोर क्षेत्र स्थित गांव घुमरिया निवासी रानी देवी की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने की वजह से बीमारी की हालत में इलाज कराने तक नहीं आ सकी थी। शुक्रवार को राशन का तीन किग्रा चावल बिक्री करने के बाद मेडिकल कॉलेज आई और उपचार कराया। महिला की आर्थिक तंगी की खबर को अमर उजाला की ओर से प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया गया। शनिवार को खबर पढ़कर सामाजिक लोग आर्थिक मदद करने के लिए आगे आए। 

रोटरी क्लब सदस्य नीरज वार्ष्णेय, सौरभ गुप्ता, रितिका शर्मा, नेहा जैन और थानाध्यक्ष रिजोर अनुज चौहान गांव पहुंचे। इनकी ओर से आटे की बोरी, 2100-2100 रुपये, दाल, चावल, चीनी, नमक, मसाले आदि देकर मदद की गई। थानाध्यक्ष ने महिला को आश्वासन दिया कि अगर क्षेत्र में नजदीक कोई काम नजर आता है तो दिलाया जाएगा ताकि परिवार का भरण पोषण हो सके। 

एक साल पहले हो गई थी पति की मौत 

ब्लॉक शीतलपुर क्षेत्र के गांव घुमरिया निवासी पवन कुमार की एक साल पहले मौत हुई थी। इसकी मौत के बाद परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। चार बच्चे हैं, जिनका भरण-पोषण रानी देवी मजदूरी करके करतीं हैं। 

बोली रानी, चार बच्चों को पालना मुश्किल

रानी देवी का कहना है कि पति की मौत के बाद हालात खराब होते चले गए। सबसे बड़ा बेटा 14 वर्ष का है, जबकि सबसे छोटी बेटी शिखा छह वर्ष की है। घर में कोई दूसरा कमाने वाला नहीं है। ऐसे में बच्चों का पालना मुश्किल हो गया है। सरकार से मिलने वाली विधवा पेंशन और मजदूरी करके ही गुजारा कर रही हूं। मुफ्त मिल रहे राशन से मदद मिल जाती है।

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