कासगंज। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सै. माऊज बिन आसिम के न्यायालय ने नौकरी का झांसा देकर दुष्कर्म के आरोपी को अग्रिम जमानत नहीं दी। कोर्ट ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर उसे जेल भेज दिया। सहावर क्षेत्र की एक युवती आगरा के एक कॉलेज से एएनएम का कोर्स कर रही थी। 2 जनवरी 2017 को रुपेंद्र निवासी चांडी सहावर ने पड़ोसी कह कर युवती में मिलने को बुलाया। जान पहचान हो जाने पर आरोपी ने 28 जनवरी 2017 को एयरफोर्स में सरकारी नौकरी का झूठा झांसा देकर समस्त प्रमाण पत्र के साथ उसको हैदराबाद ले गया। वहां आरोपी ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और लगातार उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। 2 जुलाई 2017 को उसे हैदराबाद में अकेला छोड़ गया। आरोपी ने युवती की शादी का फर्जी सर्टिफिकेट बनवा लिया। युवती किसी तरह से अपने घर आई और परिजन को जानकारी दी। उसकी पुत्री ने घर आकर अपनी सारी बात अपने परिवारजन को बताई। उसके पिता ने एसपी व क्षेत्राधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया। कार्रवाई न होने पर कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। आरोपी रूपेंद्र ने अपनी अग्रिम जमानत अर्जी कोर्ट में डाली। जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव यदुवंशी ने मामले की पैरवी की और जमानत का विरोध किया। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर जेल भेज दिया।