मैनपुरी। अयोध्या में 22 जनवरी को रामलला अपने नए गर्भगृह में विराजेंगे तो वहीं मैनपुरी के करहल रोड स्थित श्री रामचंद्र मंदिर के नए धाम का भी लोकार्पण होगा। 100 साल पुराने मंदिर का भक्तों ने दोबारा से निर्माण कराया है। अयोध्या की तरह ही यहां भी कारीगर तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। करहल रोड स्थित श्री रामचंद्र मंदिर शहर का इकलौता भगवान श्रीराम का मंदिर है। यहां मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी के साथ विराजमान है। 109 साल पहले 1915 में सेठ बद्री प्रसाद ने इस मंदिर का निर्माण कराया था। लेकिन मंदिर में श्रीराम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा 1924 में उनके बेटे सेठ ज्वाला प्रसाद ने कराया था। मंदिर का भवन बीते 100 साल में जर्जर हो गया था। इसे अंतिम रूप देने के लिए वैश्य समाज ने एकजुट होकर पहल की। गर्भगृह को छोड़कर बाकी मंदिर का नए सिरे से निर्माण कराया जा रहा है। आपसी सहयोग से लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से भव्य मंदिर तैयार किया जा रहा है। मंदिर का काम अंतिम चरण में है। अब 22 जनवरी को अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही करहल रोड स्थित श्री रामचंद्र जी मंदिर के नए भवन का भी विधि विधान से पूजन के साथ लोकार्पण किया जाएगा। कारीगर इन दिनों मंदिर को अंतिम रूप देने में दिन रात जुटे हुए हैं।