सोरोंजी। तीर्थनगरी का एक सहस्त्र वर्ष से भी ज्यादा प्राचीन सीताराम मंदिर में सोमवार को 513 वर्ष की लंबी प्रतीक्षा के बाद प्रभु राम और माता सीता की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की गई। अखंड आर्यावर्त निर्माण संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित भूपेश शर्मा ने टीम के अन्य सदस्यों के साथ जाकर मंदिर में विधि विधान पूर्वक मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की।वराह मंदिर के सेवायत पंडित नरेश त्रिगुणायत ने वैदिक मंत्र उच्चारित करते हुए मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा कराई। अयोध्या में प्रभु राम की मूर्ति के प्राण प्रतिष्ठा के मुहूर्त के समय पर ही सीताराम जी मंदिर में भी मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की गई। शंख और घंटे की गूंज के साथ जय सियाराम के जयकारों के बीच प्रभु राम और माता जानकी की आरती उतारी गई। प्रभु राम से भय प्रकट कृपाला दीन दयाला कौशल्या हितकारी हर्षित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रूप बिचारी लोचन अभिरामा तनु घनश्यामा निज आयुध भुज चारी गाकर देश में खुशहाली और राम राज्य की कामना की।