किशनी। बिधूना चौराहे स्थित रामजानकी मंदिर से जुड़ी बेश कीमती जमीन दो संतों के बीच का विवाद का कारण बन गई है। कई बार इस मामले में शिकायतें हो चुकी हैं। तहसीलदार को ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाया गया है। संत सुरेंद्र दास की शिकायत पर मंदिर पहुंची पुलिस मामला न निपटते देख एसडीएम द्वारा निस्तारण की बात कहकर वापस लौट गई।
शुक्रवार को संत सुरेंद्र दास निवासी जटपुरा चौराहा ने एसडीएम प्रसून कश्यप से शिकायत की। कहा कि गाटा संख्य 28/0676 में रवीश और आधार, विमल कुमार निवासी हिम्मतपुर ने कई लोगों से साठगांठ करके धान की नर्सरी लगा दी है। खेत को जोतकर धान की पौध लगा सकते हैं। दूसरा संत सहित रसूखदार खोखों पर वसूली कर रहे है। उन्होंने एसडीएम से कार्रवाई करने की मांग की है।
शनिवार को संत सुरेंद्र दास थाने पहुंचे। दूसरे संत रघुनंदन दास द्वारा गुरुपूर्णिमा पर उनके आवास पर ताला लगा देने की बात कही। शिकायत पर पुलिस राम जानकी मंदिर पहुंची और कमरों में ताला लगा देख रघुनंदन दास से जानकारी ली। रघुनंदन दास ने कागज दिखाते हुए कहा कि मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष अब तहसीलदार हैं। जो कागजों में दर्ज भी है। पुलिस से मामला नहीं निपटा तो पुलिस एसडीएम द्वारा मामला निपटाने की बात कहकर लौट गई। दोनों संतों को आपस में विवाद नहीं करने की सलाह दी।