कार्यकर्ताओं को मुचलके पर छोड़ा
राज्यश्री चौधरी करीब डेढ़ घंटे तक जन्मस्थान परिसर भ्रमण करती रहीं। इस दौरान पुलिस ने उनकी वीडियो भी बनाई। उनके साथ जिलाध्यक्ष छाया गौतम आदि मौजूद रहे। राज्यश्री चौधरी ने बताया उनके थाने में धरना देने की धमकी देने के बाद पुलिस ने दोनों कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया गया। थानाध्यक्ष गोविंद नगर अजय पांडेय ने बताया कि दोनों कार्यकर्ताओं को शांति भंग में निरुद्ध किया गया है। बाद में दोनों को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।
'तो हम समझेंगे अभी भी मुगल शासन'
राज्यश्री चौधरी ने कहा कि हम श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर छह दिसंबर को हनुमान चालीसा पढ़ेंगे। पिछली दफा शासन प्रशासन ने हमें नजरबंद कर दिया था। इस बार हम बदली हुई रणनीति के तहत असली श्री कृष्ण जन्मस्थान पहुंचेंगे। यदि हमें रोकने का प्रयास किया तो हम समझेंगे कि अब भी मुगल शासन है।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान के गेट पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रशासन उन्हें डराने का प्रयास न करे। श्रीकृष्ण जन्मस्थान की 13.37 एकड़ जमीन पं. मदनमोहन मालवीय ने खरीदी थी। यह पूरी जमीन हमारी है और इसके लिए हमें किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं है। 6 दिसंबर का कार्यक्रम यथावत रहेगा।
उन्होंने इस मुद्दे पर भाजपा को भी कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि भाजपा के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में क्या है उन्हें नहीं पता लेकिन उन्हें उम्मीद है कि वह वर्ष 2012 में जैसे मुलायम सिंह यादव सरकार ने किया वैसा नहीं करेंगे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनको शर्म आना चाहिए। उन्हें अपना इतिहास जानना चाहिए।