गुर्जर आंदोलन के कारण बयाना-हिंडौन के बीच रेलवे ट्रैक के बाधित होने से सातवें दिन रविवार को भी 15 यात्री ट्रेनों को रूट बदलकर गुजारा गया। रेलवे मथुरा-आगरा से होकर गुजरने वाली गाड़ियों को तीन रूटों पर डायवर्ट कर रहा है। सबसे लंबा रूट मथुरा से बीना, झांसी, नागदा वाला है, इसमें चार घंटे ज्यादा लग रहे हैं। वहीं सवाई माधोपुर, जयपुर रूट पर इंजन बदलने के कारण ढाई घंटे ज्यादा खर्च हो रहे हैं। इससे यात्रियों की मुश्किल बढ़ गई हैं।
बालाजीपुरम के नितेश शर्मा ने बताया कि वह इंदौर इंटरसिटी से सफर कर रहे थे। इस ट्रेन को नई दिल्ली से अलवर होकर गुजारा गया। इससे यात्रियों को दिक्कतें हो रही हैं।
मेवाड़ एक्सप्रेस में सफर कर रहे रामदयाल सिंह ने बताया कि जयपुर पहुंचने में तीन घंटे की देरी हुई। ट्रेन को लेट बताया गया, जबकि ट्रेन रूट बदलने के कारण लेट हो रही हैं। इन ट्रेनों को कामर्शियल हाल्ट भी नहीं दिया जा रहा है।
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इनके बदले मार्ग
अगस्त क्रांति राजधानी एक्सप्रेस, पश्चिम एक्सप्रेस (अप व डाउन) को मथुरा, बीना, झांसी नागदा होकर गुजारा गया। इंदौर इंटरसिटी (अप व डाउन) को नई दिल्ली अलवर, सवाई माधोपुर, मेवाड़ एक्सप्रेस को निजामुद्दीन, गोल्डन टेंपल को रतलाम, मथुरा होकर निकाला गया तो वहीं अगस्त क्रांति को नागदा, मथुरा, बांद्रा लखनऊ स्पेशल को सवाई माधोपुर बीना होकर तो मेवाड़ एक्सप्रेस को रेवाड़ी जयपुर से होकर निकाला। इसी तरह लखनऊ बांद्रा को बांदीकुई, जयपुर सवाई माधोपुर होकर गुजारी गई। अवध एक्सप्रेस अप व डाउन को आगरा फोर्ट से बांदीकुई, जयपुर सवाई माधोपुर होकर निकाला। गाजीपुर बांद्रा को भी बदले रूट से गुजारा गया।
यह ट्रेनें कीं निरस्त
कोटा निजामुद्दीन जनशताब्दी एक्सप्रेस, निजामुद्दीन कोटा स्पेशल, कोटा देहरादून एक्सप्रेस, देहरादून कोटा एक्सप्रेस निरस्त कर दी गईं।