मितावली में आलू की फ़सल पर चिंता करता किसान भोला त्यागी।
बाह। जैतपुर, बाह क्षेत्र में मंगलवार को सुबह से ही बादल छाए हुए थे, दोपहर में मावठ हो गई। जिसे गेंहू के लिए फायदेमंद एवं सरसों, आलू के लिए नुकसान देह माना जा रहा है। दोपहर में हवा के साथ हुई बारिश से कच्चे पक्के रास्तों पर फिसलन हो गई। जिससे जन जीवन त्रस्त रहा। फसलों के लिहाज से मावठ को लेकर किसानों कुलदीप भदौरिया, पुरषोत्तम सिंह, जोधाराम, सुरेन्द्र सिंह, रामप्रकाश कुशवाह ने बताया कि गेंहू के लिए मावठ फायदेमंद है, उपज अच्छी होने का संकेत है। लेकिन आलू में सड़ांध दौड़ने का खतरा पैदा हो गया है। बाजार में मंदी के बीच नुकसान ने किसानों की नींद उड़ा दी है। कृषि वैज्ञानिक मेहरवान सिंह यादव ने बताया कि मावठ की बारिश गेंहू के लिए अमृत समान है, अच्छा दाना बनेगा। जबकि सरसों एवं आलू के लिए नुकसान देह है। सरसों की अगैती फसल में धूप निकलने पर फलियां चटकने और दाना खेत में गिरने का खतरा रहता है। पछैती सरसों में भी फूल झगड़ने से उपज प्रभावित होगी। उन्होंने बताया कि बारिश ज्यादा हुई तो खेतों में आलू के सड़ने का खतरा रहेगा।