सिढ़पुरा के सुदामा नगर में सड़क पर मक्का सुखाते ग्रामीण।
कासगंज। जिले में तीन दिन से रुक-रुक कर हल्की बारिश तो कभी तेज बारिश ने मक्का किसानों को परेशान कर रखा है। खेतों में पड़ी मक्का के भीग जाने से किसानों को नुकसान हो रहा है। किसानों को फसल की कम कीमत मिलने की चिंता सता रही है।जिले में 30 हजार हेक्टेयर में मक्का की खेती की गई। फसल पक कर तैयार हो जाने के बाद किसानों ने फसल को काटने के बाद दाने निकालकर खेतों में डाल दिए। ताकि फसल की नमी कम हो जाए, लेकिन मौसम ने किसान का साथ नहीं दिया। तीन दिन से कभी रात में तो कभी दिन में बारिश हो जाती है। इसका असर फसल पर पड़ा। फसल भीग गई। अच्छी धूप न निकलने से फसल सूख नहीं पा रही। किसान जैसे ही फसल को सुखाने के लिए डालते हैं फिर से बादल छा जाते हैं या फिर बारिश आ जाती है। इससे किसान को फसल को समेटना पड़ता है। बाजार में इस समय मक्का का भाव 1900 रुपये से 2000 रुपये प्रति क्विंटल तक चल रहा है। यदि बारिश से फसल खराब हो गई तो किसान को इतनी कीमत नही मिलेगी।