आगरा में नौकरी लगवाने के नाम पर 10.10 लाख की धोखाधड़ी करने के मामले में रेलवे के एक अधिकारी और उनके पिता को कोर्ट ने तलब किया है।
रकाबगंज के चीलगढ़ निवासी पवन कुमार ने कोर्ट में परिवाद प्रस्तुत किया। इसमें सीनियर कंट्रोलर (रेलवे डीआरएम ऑफिस) गुरविंदर सिंह ओबराय उर्फ बबलू और उनके पिता जय प्रकाश ओबराय उर्फ जेपी ओबराय पर आरोप लगाया। दोनों साउथ रेलवे कॉलोनी, आगरा कैंट के रहने वाले हैं। पवन कुमार ने कहा कि एक मित्र के माध्यम से गुरविंदर सिंह से मुलाकात हुई थी। जय प्रकाश रेलवे में सिविल इंजीनियर थे। वर्तमान में अवकाश प्राप्त हैं।
नहीं लगी नौकरी
पवन ने बताया कि फरवरी 2015 में गुरविंदर सिंह घर आए। बताया कि पिता के मुद्रण निदेशालय, शहरी विकास मंत्रालय, नई दिल्ली में अच्छे संबंध हैं। मंत्रालय में नौकरी के लिए परीक्षा और इंटरव्यू भी नहीं देना होगा। सीधे नियुक्ति पत्र मिलेगा। छोटे भाइयों की नौकरी लगवाने का आश्वासन देकर विभिन्न तिथियों में 10 लाख 10 हजार रुपये ले लिए। मगर, नौकरी नहीं लगी। बाद में धोखाधड़ी का पता चला। कुछ और लोगों के साथ भी धोखाधड़ी की जानकारी हुई। परिवाद पत्र पर संज्ञान लेते हुए विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधा यादव ने आरोपी पिता-पुत्र को मुकदमे के विचारण के लिए 10 नवंबर को अदालत में तलब किया है।