जिला जेल से दीवानी में पेशी पर लाए गए बंदी ने हवालात में खुद को ब्लेड मारकर लहूलुहान कर लिया। बंदियों और पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद जिला अस्पताल में मेडिकल कराया गया। पुलिस ने बताया कि बंदी को उसका भाई चरस देने आया था। शक होने पर उसे चरस के साथ पकड़ लिया गया। इससे क्षुब्ध होकर बंदी को यह कदम उठाया है।
28 अक्तूबर 2008 को सुल्तानपुरा निवासी नन्नू उर्फ पप्पू की लोहे की सरिया से पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले जगदीशपुरा के राहुल नगर निवासी सुनील उर्फ मटका पुत्र अमर सिंह जेल में बंद है। शुक्रवार को सुनील को पेशी पर लाया गया था। इस दौरान उसका भाई राजेंद्र भी मिलने आया था। पुलिस ने बताया कि राजेंद्र सुनील को चरस देने लगा। एक पुलिसकर्मी की उस पर नजर पड़ गई। इस पर राजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया। बताया गया है कि पुलिस ने उसकी पिटाई भी लगाई। सुनील ने विरोध किया। बाद मेें पुलिसकर्मियों ने उसे हवालात में डाल दिया। वह ब्लेड लेकर आया था। हवालात में जाते ही उसने भाई को छोड़ने को कहा। पुलिस के मना करने पर उसने ब्लेड मारना शुरू कर दिया। इससे पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया। उसे साथ आए बंदियों ने रोक लिया। इंस्पेक्टर न्यू आगरा ने बताया कि राजेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
बता दें, इससे पहले ही बंदी दीवानी में खुद को ब्लेड मार चुके हैं। अब सवाल यह है कि बंदियों के पास ब्लेड कहां से आता है।