आगरा में माध्यमिक विद्यालयों को होगा कायाकल्प।
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उत्तर प्रदेश के आगरा में बेसिक स्कूलों के बाद अब माध्यमिक विद्यालयों को कायाकल्प करने की तैयारी है। शासकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों की सुविधाओं को आधुनिक बनाकर उन्हें प्राइवेट स्कूलों के समकक्ष लाया जाएगा। खेल के मैदान, कंप्यूटर लैब, पीने के पानी से प्रसाधन कक्ष तक हर सुविधा को संपन्न बनाएंगे।
सर्वे में 50 से अधिक बिंदुओं पर करनी थी भौतिक जांच
सरकारी विद्यालयों की हालत किसी से छिपी नहीं है। गरीब अभिभावक मजबूरी में बच्चों को प्राइवेट स्कूल में दाखिला दिलाते हैं। ऐसे में सरकार की मंशा शासकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों की दिशा और दशा दोनों सुधारने की है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक ने वास्तविक स्थिति जानने के लिए भौतिक सत्यापन कराने का निर्देश दिया। सर्वेक्षण का काम बेसिक शिक्षा विभाग के खंड शिक्षा अधिकारी और जिला समन्वयकों को करना था। जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि सर्वे में 50 से अधिक बिंदुओं की भौतिक जांच कर उसकी रिपोर्ट एप पर दाखिल करनी थी।
शासकीय विद्यालयों को किया जाएगा अपग्रेड
मंडल में आगरा जिला सर्वे कार्य में अव्वल रहा। यहां 148 स्कूलों का सर्वे कार्य पूरा किया जा चुका है। अब विद्यालयों की जरूरत के मुताबिक उनकी मूलभूत सुविधाओं को पूरा करने के लिए आवश्यक बजट आदि का आकलन कर शासन को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। इसके बाद हरी झंडी मिलते ही सबसे पहले शासकीय विद्यालयों का अपग्रेडेशन किया जाएगा।
ये थे जांच के बिंदु-
- स्कूलों में बाउंड्रीवाल है या नहीं है?
- वहां छात्र-छात्राओं के लिए प्रसाधन कक्ष उपलब्ध हैं या नहीं।
- पेयजल व पानी की आपूर्ति की उचित सुविधा है या नहीं?
- खेल के मैदान, कंप्यूटर लैब, साइंस लैब, लाइब्रेरी आदि की सुविधा है या नहीं?
- बिजली आपूर्ति और कनेक्शन की क्या व्यवस्था है?
- विद्यार्थियों के सापेक्ष कक्ष और फर्नीचर की व्यवस्था पर्याप्त है या नहीं?
- अतिरिक्त कक्षाओं की आवश्यकता है या नहीं? अगर है तो कक्ष निर्माण के लिए विद्यालय परिसर में स्थान है या नहीं।