सोरोंजी। तीर्थनगरी में सावन मास के कांवड़ मेले की तैयारियां शुरू हो गई हैं। 21 जुलाई से शुरू हो रहे इस मेले की व्यवस्थाओं पर प्रशासन की पैनी नजर है। जहां प्रशासन अपनी तैयारियों में जुटा हुआ है। वहीं, मेला कारोबार से जुड़े कारीगर दिन-रात कांवड़ की कंडियों को बुनने में लग गए हैं। कांवड़ मेला कारोबार से जुड़े कारोबार का भुनाने के लिए अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। कारीगर दिन-रात मेहनत कर कांवड़ की कंडिया बुनने में लगे हैं। कारीगर कंडिया बनाने के लिए पहले बांस की पतली खपच्चियां काटकर उन्हें रंगते हैं। इसके बाद परिवार के सदस्य बैठकर कंडिया बुनते हैं। एक कारीगर दिन में 20 से 25 कंडियां बुन लेता है। इस काम में होडलपुर के अहेरिया समाज के दो दर्जन परिवार लगे हुए हैं। परिवार के पुरुष महिला बच्चे सभी इस कार्य में तल्लीन हैं। सावन और महाशिवरात्रि के अवसर पर लगने वाले कांवड़ मेले से इन्हें अच्छा रोजगार प्राप्त होता है। बाकी के दिनों में ये लोग गांव-गांव जाकर चूरन बेचने व फेरी लगाने का काम करते हैं। मेला के लिए प्रशासन ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। सोमवार को राजमार्ग पर कासगंज गेट से होडलपुर तक सड़क के दाईं ओर जेसीबी की सहायता सड़क से सटे दो फीट तक कच्चे मार्ग को साफ किया गया। कासगंज गेट पर पालिका प्रशासन द्वारा रात्रि प्रकाश व्यवस्था के लिए खराब लाइटों को बदलवाया गया।